1St,Rosa.:*Asad Ali ka Pahila Roza* Lucknow,Aaj "Mahye Ramda ka 27th,rozye k din pahila roza binbatye hamare grand son Asad Ali s/o Shabab Ali ne *Roza*apne aap maa k shath shari khaa kar rakha jo achhaa too thaa magar khushi ka izahaar ek dada nakrshka...Duwaa hai khuda se ham dono ki ❤ se jiyuo saalo saal aur Dada Dade ka naam raosan saarye jahaan me karo.Ameen.by.:Nayab Times.


Popular posts
स्पोर्ट्समैन जाफ़र के सम्मान में क्रिकेट मैच: *जाफ़र मेहदी वरिष्ठ केन्द्र प्रभारी कैसरबाग डिपो कल 30 नवम्बर 2020 सोमवार को सेवानिवृत्त हो जाएगे उनके सम्मान में क्रिकेट मैच परिवहन निगम ने आयोजित किया* लखनऊ, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के स्पोर्ट्समैन जाफ़र मेहंदी जो 30 नवम्बर 2020 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे को "मुख्य महाप्रबंधक प्रशासन" सन्तोष कुमार दूबे "वरि०पी०सी०एस०" द्वारा उनके सम्मान में क्रिकेट मैच आयोजित कर उनका सम्मान किया जायेगा , जिसमें एहम किरदार पी०आर०बेलवारिया "मुख्य महाप्रबंधक "संचालन" व पल्लव बोस क्षेत्रीय प्रबन्धक-लखनऊ एवं प्रशांत दीक्षित "प्रभारी स०क्षे०प्रबन्धक" हैं जो * अवध बस स्टेशन कमता लखनऊ* के पद पर तैनात हैं , इस समय *कैसरबाग डिपो* के भी "प्रभारी स०क्षे०प्र०" हैं। कैसरबाग डिपो के वरिष्ठ केन्द्र प्रभारी जाफ़र मेहदी साहब दिनाँक,30 नवम्बर 2020 को कल सेवानिवृत्त हो जायेगे। जाफ़र मेहदी साहब की भर्ती स्पोर्ट्स कोटा के तहत 1987 में परिवहन निगम में हुई थी। जो पछले तीन सालो से दो धारी तलवार के चपेट कि मार झेल रहे थे अब आज़ादी उनके हाथ लगी मेंहदी साहब नायाब ही नहीं तारीफे काबिल हैं उनकी जितनी भी बड़ाई की जाय कम हैl कृत्य:नायाब टाइम्स
Image
जाफ़र मेहंदी की बल्ले बल्ले: * परिवहन निगम के वरिष्ठ खिलाड़ी जाफर मेंहदी के सम्मान में एक मैत्री मैच का आयोजन किया गया। मैच के मुख्य अतिथि एस के दुबे "मुख्य प्रधान प्रबन्धक प्रशासन"* लखनऊ,आज दिनांक 29 नवम्बर 2020 को कॉल्विन क्रिकेट ग्राउंड पर परिवहन निगम के वरिष्ठ खिलाड़ी जाफर मेंहदी के सम्मान में एक मैत्री मैच का आयोजन किया गया । इस मैच के मुख्य अतिथि एस के दुबे (मुख्य प्रधान प्रबंधक प्रशासन) थे । मुख्य प्रधान प्रबंधक प्राविधिक जयदीप वर्मा एवं प्रधान प्रबंधक संचालक सुनील प्रसाद भी मौजूद रहे । इस मैच में परिवहन निगम मुख्यालय ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए योगेंद्र सेठ की 79 रन की शानदार पारी की बदौलत 20 ओवर में 141 रन बनाए । जवाब में खेलने उतरी कैसरबाग डिपो की टीम ने सुनील मिश्रा के नाबाद 51 व नितेश श्रीवास्तव के 25 रन की बदौलत 19.4 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया । मुख्यालय की तरफ से मनोज श्रीवास्तव ने दो व जयदीप वर्मा ने एक विकेट लिया । कैसरबाग की तरफ से रजनीश मिश्रा ने 4 ओवरों में 17 रन देकर एक विकेट , नितेश श्रीवास्तव ने एक विकेट लिया । अंत में प्रधान प्रबंधक प्रशासन ने *जाफर मेहंदी* को सम्मानित किया । *योगेंद्र सेठ* को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया । मुख्यालय की तरफ से टीम का नेतृत्व जयदीप वर्मा व कैसरबाग डिपो की तरफ से टीम का नेतृत्व शशिकांत सिंह ने किया । कृत्य:नायाब टाइम्स
Image
गुरुनानक देव जयन्ती बधाई: मृत्यु लोक के सभी जीव जंतु पशु पक्षी प्राणियों को स्वस्थ शरीर एवं लम्बी उम्र दे खुदा आज के दिन की *💐🌹*गुरु नानक जयन्ती पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं/लख लख मुबारक।*💐🌹 * हो.. रब से ये दुआ है कि आपके परिवार में खुशियां ही खुशियाँ हो आमीन..! अपने अंदाज में मस्ती से रहा करता हूँ वो साथ हमारे हैं जो कुछ दूर चला करते हैं । हम आज है संजीदा बेग़म साहेबा के साथ.....! *अस्लामु अलैकुम/शुभप्रभात* हैप्पी सोमवार
Image
आज का आरिज़ अली : *आरिज अली पुत्र नौसाद अली पौत्र नायाब अली लखनबी ने अपने अंदाज़ में लोगों को लॉकडाउन संबंधित दिए तमाम सुझाव* लखनऊ, विश्व विख्यात नायाब अली लखनबी संपादक के पौत्र ने अपने निवास स्थान पर लॉकडाउन को सफल बनाने के लिए अपने अंदाज में संदेश देने का प्रयास किया है, आरिज ने कुछ खिलौने (जिसमें कार, ट्रक आदि) एकत्र कर लोगों को संदेश देते हुए बताया कि इनको मूव कर लीजिए अभी इनका इस्तेमाल मत करिए,घर पर अपने परिवार के साथ रहिये और बच्चों के साथ समय व्यतीत करिये। आरिज ने थकान या बोरियत होने पर कुछ आसन भी करके दिखाए जिसके जरिये आप घर पर रहकर ही बॉडी को फिट रख सकते है। आरिज ने यह भी बताया की अपने मन पसंद गाने गुनगुनाकर भी समय व्यतीत कर सकते है, अंत मे उन्होंने यह भी बताया कि यह सब करके हम लोग लॉकडाउन को सफल कर लेंगे और कोरोना से जीत हमारी होगी। सलाम है इन देश के उज्ज्वल भविष्य को जो लॉकडाउन को समझ रहे है लेकिन कुछ अपवाद ऐसे है जो बार-बार शासन के दिये गए निदेशों का पालन नही कर पा रहे है। कृत्य:नायाब टाइम्स *अस्लामु अलैकुम/शुभप्रभात* हैप्पी बुधवार
Image
भुखमरी से गुजर रहे4 बच्चे: *भा०जा०पा० राज्य में 4 मासूम बच्चे जूझ रहे है पिता की मौत के भुखमरी से* रोहतक,भुखमरी की कगार पर चार मासूम, लॉक डाउन में पिता की मौत एवं मां तीन साल पहले ही छोड़कर अचानक घर से कहीं चली गई, फिर वो घर नहीं लौटी। अब मजदूर पिता की भी मौत के बाद इन अनाथ बच्चों को आस-पास के लोग कुछ चावल दे देते हैं तो 8 साल की नंदिनी किसी तरह चूल्हा जोड़कर भात पका लेती है और वही भात दोनों टाइम खाकर चारों भाई-बहन भूख मिटाते हैं। रोहतास. जनपद के एक गांव में भुखमरी की कगार पर पहुंचे चार बच्चों की दास्तां सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक इन बच्चों को जन्म देने वाली मां तकरीबन तीन साल पहले गरीबी के कारण इन्हें छोड़कर चली गई थी. पिता इन्हें किसी प्रकार से पाल रहा था लेकिन लॉकडाउन लॉक डाउन के दौरान पिता की भी मौत हो गई. उसके बाद ये बच्चे दाने-दाने को मोहताज हो गए. हालांकि मीडिया में खबर आने के बाद कुछ समाजसेवी संस्थाओं व सरकारी अधिकारियों ने इन बच्चों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। ये मामला रोहतास के तिलौथू प्रखंड के कोडर गांव का है. इन चार बच्चों को देखकर आपका कलेजा पसीज जाएगा. मात्र 9 साल से लेकर 4 साल तक के चार भाई-बहनों को 3 साल पूर्व गरीबी के कारण मां छोड़ कर चली गई और लॉकडाउन में इनके पिता की मौत हो गई. अब ये बच्चे अनाथ हो कर दो वक्त की रोटी को मोहताज है. रिपोर्ट के मुताबिक़ रोहतास के तिलौथू प्रखंड के कोडर गांव निवासी सुरेंद्र मिश्र का पिछले महीने 23 मई को निधन हो गया उसके बाद ये बच्चे अनाथ हो गए. बताया जा रहा है कि तीन साल पहले इनकी मां अचानक घर से कहीं चली गई, फिर नहीं लौटी. तभी से मजदूर पिता इन चार बच्चों की देखभाल कर रहा था। लेकिन लॉकडाउन में काम नहीं मिलने के बाद सुरेंद्र मिश्र बीमार भी रहने लगा और अचानक 23 मई को उसकी मौत हो गई. पिता की मौत के बाद यह चारों बच्चे बेसहारा हो गए. स्थिति यह है कि इनके पास रहने लायक घर भी नहीं है. बरसात में कच्चे घर की छत टपकती है, तो मिट्टी के दीवार कब गिर जाए कोई नहीं जानता. आस-पास के लोग कुछ चावल दे देते हैं तो 8 साल की नंदिनी किसी तरह चूल्हा जोड़कर भात पका लेती है और भात दोनों टाइम खाकर चारों भाई बहन सो जाते हैं. पिता थे तो 4 में से दो बच्चे जय कृष्ण तथा नंदनी स्कूल भी जाते थे लेकिन लॉकडाउन के बाद से गांव में स्कूल भी बंद है और पिता के मौत के बाद अब लगता भी नहीं कि वो स्कूल दोबारा जा पाएंगे। आस-पास के लोग इनकी थोड़ी बहुत मदद कर देते हैं. लेकिन जर्जर हो चुके मिटटी के घर में बिना भोजन ये नन्हे-मुन्ने कैसे अपने दिन काटते होंगे ये बड़ा प्रश्न है. इन चार भाई-बहनों में जयकिशन 9 साल का है, तो नंदिनी 8 साल से भी कम की है. वहीं स्वीटी 6 साल की है और सबसे छोटा प्रिंस 4 साल का है. जिसे यह समझ में भी नहीं आता है कि उसके मम्मी-पापा कहां है. वह अपने-आप में मुस्कुराता भी है. लेकिन उसे यह समझ में नहीं आता कि वह किस हालात से गुजर रहा है. गांव के लोग उनके रिश्तेदारों से संपर्क कर रहे हैं कि कहीं कोई ऐसा मिल जाए? जो इन बच्चों का पालनहार बने. गांव के लोग थोड़ी बहुत मदद कर देते हैं. फिलहाल उससे इन लोगों का गुजारा चल रहा है, लेकिन सवाल उठता है कि यह कब तक चलेगा. जब तक सरकारी स्तर पर इन्हें कुछ मदद नहीं मिलती तब तक इनके भविष्य को संवारा नहीं जा सकता। इस मामले में तिलौथू प्रखंड के बीडीओ (BDO) मून आरिफ रहमान से जब बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि सरकार के स्तर से जो भी प्रावधान है वह इन बच्चों को उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भी मदद करेंगे. वहीं अंचलाधिकारी प्रमोद मिश्र अंचल कर्मियों के साथ पहुंच कर जानकारी ली तथा इंदिरा आवास आदि उपलब्ध कराने पर विचार शुरू किया. मीडिया में खबर आने के बाद कुछ सोशल वर्कर्स भी बच्चों की मदद करने के लिए आगे आए हैं. लेकिन उन्हें कितनी मदद मिल पायेगी ये तो वक्त ही बताएगा। कृत्य:नायाब टाइम्स
Image