*उत्तर प्रदेश में 50,000 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों से मानव तस्करी कर देह व्यापार कराये जाने का खुलासा करने वाले अधिवकता पर योगी सरकार कर सकती है मुकदमा* अधिवक्ता सुनील चौधरी के द्वारा यह बताया गया कि लगातार सरकार के कुछ आलाधिकारियों की मिली भगत से चल रहे मानवतस्करी व वैश्यावृति के कोठो को बंद कराने का विरोध किये जाने पर नाराज अधिकारी सुनील चौधरी को फर्जी मुकदमो में फशा सकते है।यह बातें स्थानीय निवासियों व कुछ रिटायर्ड अधिकारियों ने गुपचुप तरीके से सुनील को संकेत दिए है।महिलाओ के सोचालय बनाये जाने की मांग व मानव तस्करी,कोठो को बन्द कराने की मांग पर पहले भी 2 बार जिला प्रशासन ने श्री चौधरी को मार पीट कर जेल भेजा था। *केंद्र सरकार के बड़े-बड़े दावे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान फेल होता नजर आ रहा है* ज्योति वेलफेयर सोसायटी उत्तर प्रदेश(रजिस्टर्ड) प्रयागराज की संस्था के द्वारा पूरे प्रदेश में सर्वे कर निरीक्षण किया गया तो पता चला बनारस जैसी धार्मिक स्थली पर भी नाबालिग बच्चियों से देह व्यापार मडुवाडीह में कराया जा रहा है ।इसी प्रकार मेरठ में 2000 से ज्यादा लड़कियों की मानव तस्करी जिला प्रशासन ने पुनः करा दी जबकि माननीय हाई कोर्ट ने आदेश पारित किया था की अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत महिलाओं बच्चियो को मुक्त कराकर कोठों को सील किया जाए।महिलाओं के उद्धार के संदर्भ में न केवल प्रदेश बल्कि अन्य राज्य दिल्ली , नागपुर,कलकत्ता जैसे शहर के लिए भी संस्था ज्योति वेलफेयर सोसायटी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष सुनील चौधरी अधिवक्ता उच्च न्यायालय इलाहाबाद विगत कई वर्षों से मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति के खिलाफ कार्य कर रहे हैं। श्री चौधरी ने पूरे प्रदेश में कई रेड लाइट एरिया होने का दावा कोठो की रेकी कर और आर टी आई से खुलाशा किया है जिसमें मुख्य तौर से बस्ती, मऊ, आगरा, मेरठ, अलीगढ़, हरदोई, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, बनारस, सहारनपुर, आदि जिलों में खुलेआम कोठों पर बेटियों को बेचा जा रहा है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ वाली सरकार बेटियों को बचाने के लिए फेल हो चुकी है। *माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की धार्मिक नगरी वाराणसी थानां मडुवाडीह रेड लाइट एरिया के संदर्भ में रास्ट्रीय महिला आयोग ने भी गंभीरता से संस्था ज्योति वेलफेयर सोसायटी उत्तरप्रदेश की ओर से मानवतस्करी के अड्डे, कोठे को बंद कराये जाने की शिकायत नम्बर 8/C 190006652/2019/NCW/KG/SKP दिनाक 5 जून 2019 को दर्ज कर एसएसपी वाराणसी को नोटिस जारी किया है।वाराणसी के जिलाप्रोबिशन अधिकारी को भी संस्था के द्वारा अधिवक्ता सुनील चौधरी ने दिनाक4जून2019 को रजिस्टर्ड डाक से पत्र भेज कर माननीय उच्चन्यायालय के संदर्भ में अवगत करा दिया है* *सहारनपुर मंडल के उद्धार अधिकारी मिन्दर सिंह ने माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में योजित सप्लीमेंट्री एफिडेविट में दिए गए निर्देशों के संबंध में जिलाधिकारी सहारनपुर, जिला प्रोबेशन अधिकारी सहारनपुर, थाना प्रभारी कोतवाली सहारनपुर को दिनाक 31-05-2019 को सुनील चौधरी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में सप्लीमेंट्री एफिडेविट में उल्लिखित जनपदों में देह व्यापार को रोकने के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं सप्लीमेंट्री एफिडेविट में याची द्वारा अवगत कराया गया है कि सहारनपुर जनपद के थाना कोतवाली के अंतर्गत नकाशा बाजार में वेश्यावृत्ति/ मानव तस्करी हो रही है अतः आपसे अनुरोध है कि कृपया नकाशा बाजार क्षेत्र का निरीक्षण कर चिन्हित मकानों जिनमें देह व्यापार हो रहा है को तत्काल कार्यवाही कर बंद कराने का कष्ट करें जिससे माननीयउच्च न्यायालय के आदेशों का पालन किया जा सकते उक्त कार्यवाही किए जाने हेतु उद्धार अधिकारी को दूरभाष नंबर 7037198949 पर संपर्क करने का कष्ट करें इस संबंध में कार्यवाही किए जाने हेतु जिला प्रोबेशन अधिकारी सहारनपुर का सहयोग लिया जाएगा* यह बातें कहते हुए उद्धार अधिकारी मिन्दर सिंह सहारनपुर मंडल ने सहारनपुर जिला प्रशासन को अवगत करा दिया है अगली सुनवाई 12 जुलाई 2019 है। *महिला समाज कल्याण मंत्रालय सिर्फ सत्ता की मलाई खाने के लिए बना है* महिलाओ पर हो रहे मानवतस्करी कर जबरन देहव्यापार कराने की क्रूरता को कौन नही जानता लेकिन महिला समाज कल्याड मंत्रालय भी आँख पर काली पट्टी बांध कर चूड़ी पहन कर बैठ गया है । महिला नेताओ की बात करे चाहे माननीया मंत्री स्मृति ईरानी जी हो,मा. स्वाति मालीवाल जी हो,मा. पूर्व मंत्री अनुप्रिया पटेल जी और अन्य कई महिला मंत्री विधायक,महिला सामाजिक संग़ठन सभी को इस बात की जानकारी भी होने पर आँख पर पट्टी बांधे हुए है । *स्थानीय लोगो, जनता का कहना है कि बड़े बड़े नेता होते है शामिल, ऐसे अनेतिक कार्यो में* संस्था के द्वारा सर्वे किये जाने पर इस बात का भी पता चला कि ऐसे अनैतिक देह व्यापार के धंधे में बड़े-बड़े सफेदपोश नेता मंत्री भी शामिल होते हैं जिन्हें अक्सर रात में खुश करने के लिए नाबालिग लड़कियों की सप्लाई की जाती है। कुछ लोगों के द्वारा यह भी बताया गया है कि स्थानीय छोटे नेता नाबालिग लड़कियों की सप्लाई कर बड़े नेताओं को खुश करते हैं और पार्षद,विधानसभा,सांसद का टिकट भी लेते हैं। इस कार्य मे कुछ महिला नेता भी शामिल होती है जो बड़े नेताओं को नाबालिग लड़कियो को अपनी गाड़ी में बैठा कर ले जाकर रात बिताने के लिए परोसती है।और नेता जी से टिकट ले लेती है। *एक सर्वे में जनता ने संस्था के द्वारा किये गए सर्वे में पता चला कि सिपाही से लेकर एसएसपी और ड़ी. जी. पी. तक जाता है कोठो की दलाली का हिस्सा* श्री चौधरी ने बताया कि संस्था के द्वारा सर्वे किये जाने पर जनता ने बताया कि उपरोक्त प्रत्येक जिले के कप्तान व उच्च अधिकारियों को दलालों और स्थानीय पुलिस वालों के द्वारा कोठों से अवैध लाखो रुपए कमाई का हिस्सा पहुंचाया जाता है पुलिस की जानकारी में नेपाल व अन्य राज्यों से लड़कियों को रोजगार दिलाने के नाम पर,बहला फुसला कर उनकी मानव तस्करी कर उत्तरप्रदेश के कोठो पर देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया जाता है। पूर्व में इलाहाबाद के रेड लाइट एरिया पर भी श्री चौधरी ने आरटीआई के द्वारा खुलासा कर 200 से ज्यादा नाबालिग बच्चियों से जबरन देह व्यापार कराए जाने की सूचना जिला प्रशासन को दी थी और माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल की थी जिस पर हाईकोर्ट के आदेश पर इलाहाबाद प्रयागराज के कोठों से 107 महिलाओं, बच्चों, नाबालिग बच्चियों को कोठों से मुक्त कराकर कोठो को सील कराया गया था ।इलहाबाद मीरगंज के रेड लाइट एरिया को लेकर चलाये गए आंदोलन में श्री सुनील चौधरी को जिलाप्रशासन ने मार पीट कर जेल भी भेजा था ,क्योकि पुलिस की अवैध वसूली बंद हो गई थी। *श्री चौधरी ने बताया कि कई कोठो पर 13 से 15 साल तक कि लड़कियों को लाकर दलाल बेच देते है और फिर इन बच्चियों को ऑक्सिटॉक्सिन इंजेक्शन (यह इंजेक्शन गाय भैसों को भी ज्यादा निकलने के लिए लगाया जाता है) लगाया जाता है जिससे यह बच्चियां 6 महीने में शारीरिक बदलाव होने के कारण बड़ी दिखने लगती ऐसी मानवीय क्रूरता हर कोठों पर की जाती है जिसका अंदाजा जिला प्रशासन भी नहीं लगा सकता है। इन बच्चियों को शुरुआती तीन से छह महीनों में मारा पीटा जाता है और 3 से 4 दिन तक भूखा बंद अंधेरे कमरे में रखा जाता है और बड़े बड़े चूहे छोड़ दिये जाते है जिसके बाद मानसिक तौर से टूट कर, मजबूर होकर बच्चियां कोठा संचालिकाओं की बात ना चाहते हुए भी देह व्यापार के दलदल में फंस जाती हैं। पुलिस को सारी जानकारी होती है लेकिन पुलिस भी ऐसी मानवी क्रूरता को देख कर भी उसकी रूह नहीं कापती और चंद रुपयों के लिए बच्चियों के साथ क्रूरता की जाती है ।* *प्रदेश के कोठो को बंद कराये जाने की मांग "ज्योति वेलफेयर सोसायटी,उत्तरप्रदेश(रजिस्टर्ड)," प्रयागराज की ओर से सुनील चौधरी द्वारा दाखिल याचिका माननीय उच्चन्यायालय इलाहाबाद में लंबित है।माननीय हाई कोर्ट ने संस्था के अध्यछ व उनके परीवार को सुरछा दिए जाने का आदेश भी जिला प्रशासन को दिया है जिस पर जिला सुरछा समिति ने भी सुरछा दिए जाने का फैशला ले लिया है ।संस्था का मूल उद्देश्य मानव तस्करी और वेष्यावृत्ति को बंद कराना और सरकार को सुझाव देना है* *आखिर कब बंद होंगे मानव तस्करी के अड्डे,कोठे ?* *इस देश में मानव तस्करी के अड्डे कब बंद होंगे? नोकरी के नाम पर व बहला-फुसलाकर के हमारे समाज की बहन बेटियों को ही कोठों पर बेच दिया जाता है*।


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स्पोर्ट्समैन जाफ़र के सम्मान में क्रिकेट मैच: *जाफ़र मेहदी वरिष्ठ केन्द्र प्रभारी कैसरबाग डिपो कल 30 नवम्बर 2020 सोमवार को सेवानिवृत्त हो जाएगे उनके सम्मान में क्रिकेट मैच परिवहन निगम ने आयोजित किया* लखनऊ, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के स्पोर्ट्समैन जाफ़र मेहंदी जो 30 नवम्बर 2020 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे को "मुख्य महाप्रबंधक प्रशासन" सन्तोष कुमार दूबे "वरि०पी०सी०एस०" द्वारा उनके सम्मान में क्रिकेट मैच आयोजित कर उनका सम्मान किया जायेगा , जिसमें एहम किरदार पी०आर०बेलवारिया "मुख्य महाप्रबंधक "संचालन" व पल्लव बोस क्षेत्रीय प्रबन्धक-लखनऊ एवं प्रशांत दीक्षित "प्रभारी स०क्षे०प्रबन्धक" हैं जो * अवध बस स्टेशन कमता लखनऊ* के पद पर तैनात हैं , इस समय *कैसरबाग डिपो* के भी "प्रभारी स०क्षे०प्र०" हैं। कैसरबाग डिपो के वरिष्ठ केन्द्र प्रभारी जाफ़र मेहदी साहब दिनाँक,30 नवम्बर 2020 को कल सेवानिवृत्त हो जायेगे। जाफ़र मेहदी साहब की भर्ती स्पोर्ट्स कोटा के तहत 1987 में परिवहन निगम में हुई थी। जो पछले तीन सालो से दो धारी तलवार के चपेट कि मार झेल रहे थे अब आज़ादी उनके हाथ लगी मेंहदी साहब नायाब ही नहीं तारीफे काबिल हैं उनकी जितनी भी बड़ाई की जाय कम हैl कृत्य:नायाब टाइम्स
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जाफ़र मेहंदी की बल्ले बल्ले: * परिवहन निगम के वरिष्ठ खिलाड़ी जाफर मेंहदी के सम्मान में एक मैत्री मैच का आयोजन किया गया। मैच के मुख्य अतिथि एस के दुबे "मुख्य प्रधान प्रबन्धक प्रशासन"* लखनऊ,आज दिनांक 29 नवम्बर 2020 को कॉल्विन क्रिकेट ग्राउंड पर परिवहन निगम के वरिष्ठ खिलाड़ी जाफर मेंहदी के सम्मान में एक मैत्री मैच का आयोजन किया गया । इस मैच के मुख्य अतिथि एस के दुबे (मुख्य प्रधान प्रबंधक प्रशासन) थे । मुख्य प्रधान प्रबंधक प्राविधिक जयदीप वर्मा एवं प्रधान प्रबंधक संचालक सुनील प्रसाद भी मौजूद रहे । इस मैच में परिवहन निगम मुख्यालय ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए योगेंद्र सेठ की 79 रन की शानदार पारी की बदौलत 20 ओवर में 141 रन बनाए । जवाब में खेलने उतरी कैसरबाग डिपो की टीम ने सुनील मिश्रा के नाबाद 51 व नितेश श्रीवास्तव के 25 रन की बदौलत 19.4 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया । मुख्यालय की तरफ से मनोज श्रीवास्तव ने दो व जयदीप वर्मा ने एक विकेट लिया । कैसरबाग की तरफ से रजनीश मिश्रा ने 4 ओवरों में 17 रन देकर एक विकेट , नितेश श्रीवास्तव ने एक विकेट लिया । अंत में प्रधान प्रबंधक प्रशासन ने *जाफर मेहंदी* को सम्मानित किया । *योगेंद्र सेठ* को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया । मुख्यालय की तरफ से टीम का नेतृत्व जयदीप वर्मा व कैसरबाग डिपो की तरफ से टीम का नेतृत्व शशिकांत सिंह ने किया । कृत्य:नायाब टाइम्स
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गुरुनानक देव जयन्ती बधाई: मृत्यु लोक के सभी जीव जंतु पशु पक्षी प्राणियों को स्वस्थ शरीर एवं लम्बी उम्र दे खुदा आज के दिन की *💐🌹*गुरु नानक जयन्ती पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं/लख लख मुबारक।*💐🌹 * हो.. रब से ये दुआ है कि आपके परिवार में खुशियां ही खुशियाँ हो आमीन..! अपने अंदाज में मस्ती से रहा करता हूँ वो साथ हमारे हैं जो कुछ दूर चला करते हैं । हम आज है संजीदा बेग़म साहेबा के साथ.....! *अस्लामु अलैकुम/शुभप्रभात* हैप्पी सोमवार
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आज का आरिज़ अली : *आरिज अली पुत्र नौसाद अली पौत्र नायाब अली लखनबी ने अपने अंदाज़ में लोगों को लॉकडाउन संबंधित दिए तमाम सुझाव* लखनऊ, विश्व विख्यात नायाब अली लखनबी संपादक के पौत्र ने अपने निवास स्थान पर लॉकडाउन को सफल बनाने के लिए अपने अंदाज में संदेश देने का प्रयास किया है, आरिज ने कुछ खिलौने (जिसमें कार, ट्रक आदि) एकत्र कर लोगों को संदेश देते हुए बताया कि इनको मूव कर लीजिए अभी इनका इस्तेमाल मत करिए,घर पर अपने परिवार के साथ रहिये और बच्चों के साथ समय व्यतीत करिये। आरिज ने थकान या बोरियत होने पर कुछ आसन भी करके दिखाए जिसके जरिये आप घर पर रहकर ही बॉडी को फिट रख सकते है। आरिज ने यह भी बताया की अपने मन पसंद गाने गुनगुनाकर भी समय व्यतीत कर सकते है, अंत मे उन्होंने यह भी बताया कि यह सब करके हम लोग लॉकडाउन को सफल कर लेंगे और कोरोना से जीत हमारी होगी। सलाम है इन देश के उज्ज्वल भविष्य को जो लॉकडाउन को समझ रहे है लेकिन कुछ अपवाद ऐसे है जो बार-बार शासन के दिये गए निदेशों का पालन नही कर पा रहे है। कृत्य:नायाब टाइम्स *अस्लामु अलैकुम/शुभप्रभात* हैप्पी बुधवार
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भुखमरी से गुजर रहे4 बच्चे: *भा०जा०पा० राज्य में 4 मासूम बच्चे जूझ रहे है पिता की मौत के भुखमरी से* रोहतक,भुखमरी की कगार पर चार मासूम, लॉक डाउन में पिता की मौत एवं मां तीन साल पहले ही छोड़कर अचानक घर से कहीं चली गई, फिर वो घर नहीं लौटी। अब मजदूर पिता की भी मौत के बाद इन अनाथ बच्चों को आस-पास के लोग कुछ चावल दे देते हैं तो 8 साल की नंदिनी किसी तरह चूल्हा जोड़कर भात पका लेती है और वही भात दोनों टाइम खाकर चारों भाई-बहन भूख मिटाते हैं। रोहतास. जनपद के एक गांव में भुखमरी की कगार पर पहुंचे चार बच्चों की दास्तां सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक इन बच्चों को जन्म देने वाली मां तकरीबन तीन साल पहले गरीबी के कारण इन्हें छोड़कर चली गई थी. पिता इन्हें किसी प्रकार से पाल रहा था लेकिन लॉकडाउन लॉक डाउन के दौरान पिता की भी मौत हो गई. उसके बाद ये बच्चे दाने-दाने को मोहताज हो गए. हालांकि मीडिया में खबर आने के बाद कुछ समाजसेवी संस्थाओं व सरकारी अधिकारियों ने इन बच्चों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। ये मामला रोहतास के तिलौथू प्रखंड के कोडर गांव का है. इन चार बच्चों को देखकर आपका कलेजा पसीज जाएगा. मात्र 9 साल से लेकर 4 साल तक के चार भाई-बहनों को 3 साल पूर्व गरीबी के कारण मां छोड़ कर चली गई और लॉकडाउन में इनके पिता की मौत हो गई. अब ये बच्चे अनाथ हो कर दो वक्त की रोटी को मोहताज है. रिपोर्ट के मुताबिक़ रोहतास के तिलौथू प्रखंड के कोडर गांव निवासी सुरेंद्र मिश्र का पिछले महीने 23 मई को निधन हो गया उसके बाद ये बच्चे अनाथ हो गए. बताया जा रहा है कि तीन साल पहले इनकी मां अचानक घर से कहीं चली गई, फिर नहीं लौटी. तभी से मजदूर पिता इन चार बच्चों की देखभाल कर रहा था। लेकिन लॉकडाउन में काम नहीं मिलने के बाद सुरेंद्र मिश्र बीमार भी रहने लगा और अचानक 23 मई को उसकी मौत हो गई. पिता की मौत के बाद यह चारों बच्चे बेसहारा हो गए. स्थिति यह है कि इनके पास रहने लायक घर भी नहीं है. बरसात में कच्चे घर की छत टपकती है, तो मिट्टी के दीवार कब गिर जाए कोई नहीं जानता. आस-पास के लोग कुछ चावल दे देते हैं तो 8 साल की नंदिनी किसी तरह चूल्हा जोड़कर भात पका लेती है और भात दोनों टाइम खाकर चारों भाई बहन सो जाते हैं. पिता थे तो 4 में से दो बच्चे जय कृष्ण तथा नंदनी स्कूल भी जाते थे लेकिन लॉकडाउन के बाद से गांव में स्कूल भी बंद है और पिता के मौत के बाद अब लगता भी नहीं कि वो स्कूल दोबारा जा पाएंगे। आस-पास के लोग इनकी थोड़ी बहुत मदद कर देते हैं. लेकिन जर्जर हो चुके मिटटी के घर में बिना भोजन ये नन्हे-मुन्ने कैसे अपने दिन काटते होंगे ये बड़ा प्रश्न है. इन चार भाई-बहनों में जयकिशन 9 साल का है, तो नंदिनी 8 साल से भी कम की है. वहीं स्वीटी 6 साल की है और सबसे छोटा प्रिंस 4 साल का है. जिसे यह समझ में भी नहीं आता है कि उसके मम्मी-पापा कहां है. वह अपने-आप में मुस्कुराता भी है. लेकिन उसे यह समझ में नहीं आता कि वह किस हालात से गुजर रहा है. गांव के लोग उनके रिश्तेदारों से संपर्क कर रहे हैं कि कहीं कोई ऐसा मिल जाए? जो इन बच्चों का पालनहार बने. गांव के लोग थोड़ी बहुत मदद कर देते हैं. फिलहाल उससे इन लोगों का गुजारा चल रहा है, लेकिन सवाल उठता है कि यह कब तक चलेगा. जब तक सरकारी स्तर पर इन्हें कुछ मदद नहीं मिलती तब तक इनके भविष्य को संवारा नहीं जा सकता। इस मामले में तिलौथू प्रखंड के बीडीओ (BDO) मून आरिफ रहमान से जब बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि सरकार के स्तर से जो भी प्रावधान है वह इन बच्चों को उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भी मदद करेंगे. वहीं अंचलाधिकारी प्रमोद मिश्र अंचल कर्मियों के साथ पहुंच कर जानकारी ली तथा इंदिरा आवास आदि उपलब्ध कराने पर विचार शुरू किया. मीडिया में खबर आने के बाद कुछ सोशल वर्कर्स भी बच्चों की मदद करने के लिए आगे आए हैं. लेकिन उन्हें कितनी मदद मिल पायेगी ये तो वक्त ही बताएगा। कृत्य:नायाब टाइम्स
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