वाहन चालक नियम:बदल गए ट्रैफिक से जुड़े 11 नियम.. सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने मोटर व्हीकल बिल 2019 संशोधन किए थे. 1 नाबालिग को वाहन देना: नए कानून में नाबालिग वाहन चलाता पाया गया ताे वाहन मालिक काे दोषी माना जाएगा. वाहन मालिक को 25 हजार रुपए का जुर्माना और तीन साल की सजा होगी और नाबालिग को 25 साल की उम्र होने तक लाइसेंस नहीं मिलेगा. वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द होगा. नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय एक्ट 2000 के तहत मुकदमा चलेगा. बिल में 4 साल से अधिक उम्र के बच्चे काे भी अब हेलमेट लगाना हाेगा. नए बिल में ड्राइविंग की बाकी गलतियों में जुर्माना पहले के मुकाबले 5 से 30 गुना तक बढ़ा दिया गया है. दुपहिया वाहनों में ओवरलोडिंग करने पर अब 100 रुपए की जगह 3 हजार रुपए फाइन देना हाेगा 2 ड्रंकन ड्राइविंग: अभी दो हजार और नए एक्ट में दस हजार रूपये तक का जुर्माना किया जा सकता है.जेल की सज़ा का भी प्रावधान. 3 हिट एंड रन: ऐसे केस में यदि पीड़ित घायल है तो आरोपी वाहन चालक पर 12500 और पीड़ित की मौत होने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना होता है.नए एक्ट में क्रमशः यह राशि पचास हजार और दो लाख रुपये रखी गई है. साल 2018 में हिट एंड रन के करीब 55 हजार मामले सामने आए थे, जिनमें 22 हजार से अधिक लोगों की जान चली गई है. 4 सीट बेल्ट: अभी सौ रुपये, नए एक्ट में एक हजार. 5 हेलमेट: अभी सौ रुपये और नए एक्ट में एक हजार. 6रेसिंग करने पर: अभी पांच सौ रुपये और नए एक्ट में पांच हजार. 7 बिना इंश्योरेंश: मौजूदा एक्ट में एक हजार रुपये नए एक्ट में दो हजार. 8 ओवर स्पीड: अभी चार सौ रुपये और नए एक्ट में दो से चार हजार रुपये प्रस्तावित किया गया है. 9 खतरनाक ड्राइविंग: अभी एक हजार और नए एक्ट में पांच हजार रुपये. 10 बिना डीएल: अभी पांच सौ रुपये और नए एक्ट में पांच हजार. 11 अयोग्य ठहराने के बाद भी ड्राइविंग करते पकड़े गए तो दस हजार रुपये का चालान होगा, जबकि अभी यह राशि पांच सौ रुपये है. 12 वाहन की गलत बनावट: अभी ऐसा कोई प्रावधान है ही नहीं कि वाहन की गलत बनावट के चलते हादसा हो जाए और संबंधित कंपनी पर जुर्माना हो.नए एक्ट में यह प्रावधान शामिल है.यदि सुरक्षा के मापदंड पूरे नहीं होते हैं तो डीलर पर एक लाख और निर्मामा पर सौ करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.


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मुत्यु लोक का सच:*आचार्य रजनीश* (१) जब मेरी मृत्यु होगी तो आप मेरे रिश्तेदारों से मिलने आएंगे और मुझे पता भी नहीं चलेगा, तो अभी आ जाओ ना मुझ से मिलने। (२) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आप मेरे सारे गुनाह माफ कर देंगे, जिसका मुझे पता भी नहीं चलेगा, तो आज ही माफ कर दो ना। (३) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आप मेरी कद्र करेंगे और मेरे बारे में अच्छी बातें कहेंगे, जिसे मैं नहीं सुन सकूँगा, तो अभी कहे दो ना। (४) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आपको लगेगा कि इस इन्सान के साथ और वक़्त बिताया होता तो अच्छा होता, तो आज ही आओ ना। इसीलिए कहता हूं कि इन्तजार मत करो, इन्तजार करने में कभी कभी बहुत देर हो जाती है। इस लिये मिलते रहो, माफ कर दो, या माफी माँग लो। *मन "ख्वाईशों" मे अटका रहा* *और* *जिन्दगी हमें "जी "कर चली गई.*
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