प्रिन्ट मीडिया की शासन से अपील:लखनऊ,प्रिन्ट मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से ,उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा तथा अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी को ग्यापन दिया। प्रदेश में कोरोना महामारी का प्रकोप चरम पर है। मानवता संकट के मुहाने पर खड़ी है। इस संकट की घड़ी में सरकार के साथ मीडिया से जुुडे सभी साथी प्रदेश भर में निःस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा में रात-दिन अपना जीवन जोखिम में डालकर लगे हुए हैं। लोकतंत्र का चैथा स्तंभ इस विपदा में साकार और समाज के बीच सेतु बनकर हर पल की सूचना पहुंचा रहा है । ग्रामीण स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के मीडियाकर्मियों के जीवन पर आर्थिक सहित कई तरह के संकट मंडरा रहे हैं। इन हालात मे संगठन का आपसे आग्रह है हमारी पांच सूत्री मांग पर मुख्यमंत्री जी को अवगत कराते हुए निदान कराने का कष्ट करे। 1. प्रदेश के सभी मीडिया कर्मियों को मास्क और सेनेटाइजर उपलब्ध कराया जाए। 2. प्रदेश के मीडिया संस्थान मंदी के दौर के कारण पहले से ही बुरे दौर से गुजर रहे थे, लॉक डाउन में कर्मियों को अल्प बेतन भी नहीं दे पा रहे है जिसके कारण पत्रकारों पर घोर आर्थिक संकट है।आर्थिक संकट से निजात हेतु तत्काल जिला स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को 3,000 महानगर के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को 5,000 तथा राजधानी के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को 10,000 रूपये मासिक उपलब्ध कराया जाए। 3. लॉक डाउन में अपनी जान जोखिम में डालकर सूचनाएं एकत्र कर रहे पत्रकारों को 50 लाख रुपए का जीवन बीमा दिया जाए। 4. इस आपदा के समय पल पल की खबर दे रहे मीडियाकर्मियों के साथ कुछ स्थानांे पर पुलिसिया दुर्व्यवहार की सूचना आ रहीं हैं, जोकि दुःखद है। पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करें कि मीडियाकर्मियों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न किया जाए। 5. समाचार पत्र एवं पत्रिकाओं बिशेष तौर पर लघु तथा मध्यम स्तर को जीवन दान हेतु एक वर्ष तक नियमित तौर पर विज्ञापन देने का निर्देश दे। ग्यापन देने बालों मे राष्ट्रीय अध्यक्ष अब्दुल अजीज सिद्दिकी, उपाध्यक्ष सुरेन्द्र अग्निहोत्री, सलाहकार सुरेश द्विवेदी, प्रदेश अध्यक्ष सैय्यद जावेद हुसैन, इस्लाम खान, विजय कुमार निगम आदि प्रमुख थे।


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Schi baat:*खरी बात * संस्कारी औरत का शरीर केवल उसका पति ही देख सकता है। लेकिन कुछ कुल्टा व चरित्रहीन औरतें अपने शरीर की नुमाइश दुनियां के सामने करती फिरती हैं। समझदार को इशारा ही काफी है। इस पर भी नारीवादी पुरुष और नारी दोनों, कहते हैं, कि यह पहनने वाले की मर्जी है कि वो क्या पहने। बिल्कुल सही, अगर आप सहमत हैं, तो अपने घर की औरतों को, ऐसे ही पहनावा पहनने की सलाह दें। हम तो चुप ही रहेंगे।
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दीप जलाकर प्रकाश पर्व : *एस०पी०जी०आई० के चिकित्सको की कोरोना पर विजय,कनिका की छठी जाँच रिपोर्ट आई निगेटिव* लखनऊ,एस०पी०जी०आई० में 20मार्च से लगातार कोरोना पॉजिटिव कनिका कपूर और डॉक्टरों के बीच चल रहा युद्ध अब समाप्ति के कगार पर आ गया है,लगातार पाँच जाँच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी डॉक्टरों ने हार नही मानी और लगातार कनिका का उपचार करते रहे। छठी रिपोर्ट निगेटिव आने पर कनिका के परिजनों और डॉक्टरों में खुशी की लहर दौड़ गयी और कनिका को दुबारा ज़िन्दगी खुद को पहचान ने पर ईस्वर की दया से दान स्वरूपइस मिली । *इस घटना ने एक बात तो सत्य साबित कर दी है कि कोरोना से बचाव हर संभव है।* इस उदाहरण से सभी देश वासियों के बीच एक संदेश जा रहा है कि सरकार द्वारा दिये गए निर्देशों का पालन करते रहने से कोरोना जैसी प्राणघातक महामारी पर विजय पाना कोई मुश्किल काम नही। कृत्य:नायाब टाइम्स
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RTI: एक और खबर जरा हट के ... 🤔🤔🤔🤔 वाह खट्टर साहब वाह .. क्या जवाब मिला है आपकी सरकार से !!! चंडीगढ़: सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी से पता चला है कि हरियाणा सरकार के पास मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर राज्य सरकार के कई कैबिनेट मंत्रियों और राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य की नागरिकता से जुड़े दस्तावेज नहीं हैं. 20 जनवरी को पानीपत के रहने वाले एक्टिविस्ट पी.पी. कपूर ने इस संबंध में जानकारी पाने के लिए RTI दाखिल की थी. इस RTI में उन्हें जो जवाब मिला, वह काफी हैरान करने वाला था. पी.पी. कपूर की RTI में हरियाणा की पब्लिक इंफॉर्मेशन ऑफिसर पूनम राठी ने कहा कि उनके रिकॉर्ड में इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा, 'माननीयों के नागरिकता संबंधी दस्तावेज चुनाव आयोग के पास हो सकते हैं.' बताते चलें कि पिछले साल सितंबर में विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वादा किया था कि वह अवैध प्रवासियों को हरियाणा से निकालने के लिए राज्य में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) लागू करेंगे.
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मंगलमय : *आपको और आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनाएं* मैं ईस्वर से प्राथना करता हूँ कि मृत्यु लोक पर आप स्वस्थ रहें। "होली के इस पर्व पर आप का जीवन हमेशा रंगों की तरह खिलता व महकता रहे,आपके वे सारे सपने पूरे हो जो आप के अपनो ने परिवार के साथ देखे हो !" नायाब अली लखनवी "सम्पादक"
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लॉक डाउन 17 मई 2020 तक: *उत्तर प्रदेश के विभाजित जिलों में सरकार द्वारा दी गयी अलग-अलग गाइडलाइन* भारत सरकार द्वारा जारी की गई अलग-अलग क्षेत्रों में गाइडलाइन 3मई के बाद लागू हो जाएगी,जिसमे आम जनमानस को कुछ छूट होगी। *रेड जोन* रेड जोन के जिलों में जारी गाइडलाइन के अनुसार, चार पहिया वाहन में ड्राइवर सहित 2 लोग ही बैठ सकेंगे। औद्योगिक क्षेत्रों में जैसे जरूरी संसाधन शोसल डिस्टनसिंग का पालन करते हुए कार्य कर सकेंगी। सड़क निर्माण का कार्य भी सोशल डिस्टनसिंग का पालन करते हुए शुरू हो जाएगा। कालोनियों में ज़रूरत के सामानों की दुकाने भी बिना भीड़ लगाए खुलने के लिए भी अनुमति दे दी गयी है। प्राइवेट स्तर के कार्यालय 33℅ कर्मचारियों के साथ भी खुलने की अनुमति प्रदान की गई है। *ऑरेंज ज़ोन* ऑरेंज ज़ोन में ऑटो रिक्शा में मात्र एक यात्री को बैठाने की अनुमति प्रदान की गई है। दो पहिया वाहन पर मात्र अकेले चालक दारा ही चलने की अनुमति दी गयी है। *ग्रीन ज़ोन* रेड जोन,ऑरेंज ज़ोन में मिली छूट के अतिरिक्त बसों में 50% ही यात्रियों को बैठकर सभी यात्रियों को मास्क लगाकर चलने की अनुमति दी गयी है। उक्त सभी ज़ोन में स्कूल, कॉलेज,मॉल,सिनेमा हाल,होटल,रेस्टोरेंट, भीड़भाड़ बाली सभी जगहों जैसे धार्मिक स्थलों, 65 वर्ष के महिला/पुरुषों एवं 10 वर्ष के बच्चों को अनुमति प्रदान नही की गई है। सभी क्षेत्रों में शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक आपातकाल को छोड़कर घर से निकलना प्रतिवंधित रहेगा। *कृत्य:नायाब टाइम्स*
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