बाबा के आशीर्वाद से रईसों को रेलवे की सुविधाएं कल से: जो 15 ट्रेन चलाई जा रही हैं उनका किराया राजधानी के बराबर होगा तो जरूर यह मजदूरों के लिए तो नहीं चलायी गई है जबकि आज सबसे ज्यादा जरूरत उनको ही है। निश्चित तौर पर यह उन लाखों मजदूरों के साथ एक भद्दा मजाक है जो बेचारे जान बचाने की आस में जान को ही हथेली पर रखकर अपने गन्तव्य को पैदल ही चल पड़े हैं। और जायें भी क्यू ना, रास्ते में कुछ ना कुछ खाने को मिल जाता है बहुत सारे दरियादिल लोग खाने पीने का सामान बिना किसी भेदभाव, स्वार्थ और राजनीति के बाँट रहे हैं। उन मजदूरों को भी अच्छे से पता है कि उनके लिए ही उनके पीछे कितनी घटिया राजनीति हो रही है। एक तरफ केन्द्र सरकार कहती है मजदूरों का रेल किराया हम देंगे, दूसरी तरफ राज्य सरकारें कहती हैं, तीसरी तरफ सोनिया जी कहती हैं कि हमारी पार्टी देगी सारा खर्चा। बस इसीलिए तो बेचारे अपने बलबूते अपने ही साधन से चल पड़े, कोई साइकिल से, कोई रिक्शा से, कोई पैदल ही। उनको मालूम है ये सब सिर्फ सर्कस के जोकर हैं जो केवल अपनी बातों से ही सबको आनन्दित करता है। दो दिन पहले मेरा एक दोस्त वसई से जौनपुर गया, ट्रेन में टीसी महोदय आये, 710/- लिए, टिकट पकड़ाये और निकल लिए। इसीलिए तो मजदूर पैदल ही चल पड़ा, कम से कम इनकी ठगी से तो बच गये तथा अपना स्वाभिमान भी बचा लिया। क्या बच्चे, क्या महिला, क्या बुजुर्ग सब दुःख में हैं। शर्म आनी चाहिए सिस्टम और सरकार को। कल समाचार में देखा एक गर्भवती महिला जो अपने पति और बच्चों के साथ नासिक से सतना (एम पी) के लिए पैदल जा रही थी, रास्ते में उसको प्रसव पीड़ा हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। कितनी बहादुर है यह महिला जो अपने नवजात को लेकर पाँच दिन में 160 किमी. यात्रा तय की।। इतनी प्रचण्ड धूप और गरमी को सहन करते हुये मजदूर जैसे तैसे गाँव जा रहे हैं। नेशनल हाइवे की यह हालत है कि जैसे पाकिस्तान से लोग भारत जा रहे हों। बटवारे जैसा माहौल बना दिया गया है। यूपी, महाराष्ट्र, एमपी, राजस्थान सबकी ज्यादातर बसें डिपो में ही खड़ी हैं, क्या मजाल जो दूसरे राज्य में जाकर अपने मजदूरों को ले आये। बेशर्मी देखो की घरों में कूलर लगा कर बैठे लोग प्रधानमंत्री और रेलमंत्री को 15 ट्रेन चलाने पर बधाई दे रहे हैं।।।।😰


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Schi baat:*खरी बात * संस्कारी औरत का शरीर केवल उसका पति ही देख सकता है। लेकिन कुछ कुल्टा व चरित्रहीन औरतें अपने शरीर की नुमाइश दुनियां के सामने करती फिरती हैं। समझदार को इशारा ही काफी है। इस पर भी नारीवादी पुरुष और नारी दोनों, कहते हैं, कि यह पहनने वाले की मर्जी है कि वो क्या पहने। बिल्कुल सही, अगर आप सहमत हैं, तो अपने घर की औरतों को, ऐसे ही पहनावा पहनने की सलाह दें। हम तो चुप ही रहेंगे।
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दीप जलाकर प्रकाश पर्व : *एस०पी०जी०आई० के चिकित्सको की कोरोना पर विजय,कनिका की छठी जाँच रिपोर्ट आई निगेटिव* लखनऊ,एस०पी०जी०आई० में 20मार्च से लगातार कोरोना पॉजिटिव कनिका कपूर और डॉक्टरों के बीच चल रहा युद्ध अब समाप्ति के कगार पर आ गया है,लगातार पाँच जाँच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी डॉक्टरों ने हार नही मानी और लगातार कनिका का उपचार करते रहे। छठी रिपोर्ट निगेटिव आने पर कनिका के परिजनों और डॉक्टरों में खुशी की लहर दौड़ गयी और कनिका को दुबारा ज़िन्दगी खुद को पहचान ने पर ईस्वर की दया से दान स्वरूपइस मिली । *इस घटना ने एक बात तो सत्य साबित कर दी है कि कोरोना से बचाव हर संभव है।* इस उदाहरण से सभी देश वासियों के बीच एक संदेश जा रहा है कि सरकार द्वारा दिये गए निर्देशों का पालन करते रहने से कोरोना जैसी प्राणघातक महामारी पर विजय पाना कोई मुश्किल काम नही। कृत्य:नायाब टाइम्स
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RTI: एक और खबर जरा हट के ... 🤔🤔🤔🤔 वाह खट्टर साहब वाह .. क्या जवाब मिला है आपकी सरकार से !!! चंडीगढ़: सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी से पता चला है कि हरियाणा सरकार के पास मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर राज्य सरकार के कई कैबिनेट मंत्रियों और राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य की नागरिकता से जुड़े दस्तावेज नहीं हैं. 20 जनवरी को पानीपत के रहने वाले एक्टिविस्ट पी.पी. कपूर ने इस संबंध में जानकारी पाने के लिए RTI दाखिल की थी. इस RTI में उन्हें जो जवाब मिला, वह काफी हैरान करने वाला था. पी.पी. कपूर की RTI में हरियाणा की पब्लिक इंफॉर्मेशन ऑफिसर पूनम राठी ने कहा कि उनके रिकॉर्ड में इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा, 'माननीयों के नागरिकता संबंधी दस्तावेज चुनाव आयोग के पास हो सकते हैं.' बताते चलें कि पिछले साल सितंबर में विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वादा किया था कि वह अवैध प्रवासियों को हरियाणा से निकालने के लिए राज्य में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) लागू करेंगे.
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मंगलमय : *आपको और आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनाएं* मैं ईस्वर से प्राथना करता हूँ कि मृत्यु लोक पर आप स्वस्थ रहें। "होली के इस पर्व पर आप का जीवन हमेशा रंगों की तरह खिलता व महकता रहे,आपके वे सारे सपने पूरे हो जो आप के अपनो ने परिवार के साथ देखे हो !" नायाब अली लखनवी "सम्पादक"
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लॉक डाउन 17 मई 2020 तक: *उत्तर प्रदेश के विभाजित जिलों में सरकार द्वारा दी गयी अलग-अलग गाइडलाइन* भारत सरकार द्वारा जारी की गई अलग-अलग क्षेत्रों में गाइडलाइन 3मई के बाद लागू हो जाएगी,जिसमे आम जनमानस को कुछ छूट होगी। *रेड जोन* रेड जोन के जिलों में जारी गाइडलाइन के अनुसार, चार पहिया वाहन में ड्राइवर सहित 2 लोग ही बैठ सकेंगे। औद्योगिक क्षेत्रों में जैसे जरूरी संसाधन शोसल डिस्टनसिंग का पालन करते हुए कार्य कर सकेंगी। सड़क निर्माण का कार्य भी सोशल डिस्टनसिंग का पालन करते हुए शुरू हो जाएगा। कालोनियों में ज़रूरत के सामानों की दुकाने भी बिना भीड़ लगाए खुलने के लिए भी अनुमति दे दी गयी है। प्राइवेट स्तर के कार्यालय 33℅ कर्मचारियों के साथ भी खुलने की अनुमति प्रदान की गई है। *ऑरेंज ज़ोन* ऑरेंज ज़ोन में ऑटो रिक्शा में मात्र एक यात्री को बैठाने की अनुमति प्रदान की गई है। दो पहिया वाहन पर मात्र अकेले चालक दारा ही चलने की अनुमति दी गयी है। *ग्रीन ज़ोन* रेड जोन,ऑरेंज ज़ोन में मिली छूट के अतिरिक्त बसों में 50% ही यात्रियों को बैठकर सभी यात्रियों को मास्क लगाकर चलने की अनुमति दी गयी है। उक्त सभी ज़ोन में स्कूल, कॉलेज,मॉल,सिनेमा हाल,होटल,रेस्टोरेंट, भीड़भाड़ बाली सभी जगहों जैसे धार्मिक स्थलों, 65 वर्ष के महिला/पुरुषों एवं 10 वर्ष के बच्चों को अनुमति प्रदान नही की गई है। सभी क्षेत्रों में शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक आपातकाल को छोड़कर घर से निकलना प्रतिवंधित रहेगा। *कृत्य:नायाब टाइम्स*
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