वरिष्ठ चिकित्सको व अधिकारियों की अपील: *लखनऊ*,उत्तर प्रदेश की राजधानी के वरिष्ठ चिकित्सको ने देश एवं प्रदेश की जनता से अनुरोध करते हुए कहा है कि *भारत के प्रधानमंत्री जी के आवाहन पर कही घर से बाहर नहीं निकलने का प्रयास करें तभी तो "कोरोना हारेगा और भारत जीतेगा"* चिकित्सको में डॉ०आशुतोष कुमार दुबे, डॉ०डी०एस०राठौर,डॉ०प्रवीण प्रधान, डॉ०मनीषा लाल,डॉ०पी०के०सिंघानियां, डॉ०दीपक कुमार, डॉ०सन्तोष यादव,डॉ०अनिल कुमार चौधरी,डॉ०अर्पित गुप्ता "अवध",डॉ०वी०के०दुब,डॉ०जी०एस०तिवारी,डॉ०ए०के०सिंह,डॉ०एच०के०तिवारी,डॉ०अनिल रत्न त्रिपाठी,डॉ०बी०पी०चौरसिया,डॉ०अल्ताफ हुसैन, डॉ०एस०सी०श्रीवास्तव, डॉ०आर०के०मिश्रा,डॉ०अरूण कुमार सिंह,डॉ०एन०के०श्रीवास्तव,डॉ०राजीव चौधरी,डॉ०जय सिंह,डॉ०यू०पी०सिंह,डॉ०आर०बी०वर्मा,डॉ०मुम्मताज अहमद,डॉ०एन०एन०पान्डेय, डॉ०अनिल कुमार पान्डेय,डॉ०सुनील कुमार तिवारी,डॉ०असगर अली, डॉ०रेनु चौधरी, डॉ०सुनीता सिंह,डॉ०गौरी गौड़,डॉ०बीरबल,डॉ०एम०नासिर, डॉ वी०के०दुबे,डॉ०अनिल रत्न त्रिपाठी,डॉ०आर०के०मिश्रा,डॉ०राजेश वर्मा,डॉ०बेला रानी वर्मा, डॉ०यू०पी०सिंह,डॉ०अनिल कुमार मेहरोत्रा, डॉ०वी०वी०त्रिपाठी,डॉ०एस०के०शंखवार, डॉ०गुफरान, डॉ०मज़हर, डॉ०जया भिवानी,डॉ०अजय पाल एवं नायाब टाइम्स परिवार ने सभी उपरोक्त चिकित्सको की ओर से देश व प्रदेश वासियों के साथ साथ लखनऊ जनपद के लोगो को से गज़ारिश करते हुए कहा है आप अपने ही घरों में रहो कियो के *कोविड-19* का खतरा अभी भी बना हुआ है आज का शुभ दिन "मृत्यु लोक के ईस्वर स्वरूप" चिकित्सको व उनके स्टाफ़ एवं पुलिस कर्मियों के साथ साथ सफाई कर्मी व *लॉक डाउन-चौथे चरण* में डियूटी पर मुस्तेद कर्मचारियों के नाम......! "31 मई 2020 तक "लॉक डाउन" की नई शर्तो के साथ लगभग पहले ही जैसा अब 3 जोन से बढ़ाकर 5 जोन बनाये गए, 1- रेड , 2- ग्रीन, 3- ऑरेंज, 4- कंटेन्मेंट व 5- वफर हैं। जिसका पालन देश प्रदेश एवं लखनऊ वासी अपने घरों में शांतिपूर्ण नियम से कर सुरक्षित रहे और दूसरों को भी रहने की सलाह दे एवं जिला अधिकारी अपने विवेक का इस्तेमाल कर स्थिति को सुधारेंगे, तभी तो *कोरोना महामारी* की जंग में विजय प्राप्ती हो। *जय हिन्द जय भारत.....!* कृत्य:नायाब टाइम्स


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मुत्यु लोक का सच:*आचार्य रजनीश* (१) जब मेरी मृत्यु होगी तो आप मेरे रिश्तेदारों से मिलने आएंगे और मुझे पता भी नहीं चलेगा, तो अभी आ जाओ ना मुझ से मिलने। (२) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आप मेरे सारे गुनाह माफ कर देंगे, जिसका मुझे पता भी नहीं चलेगा, तो आज ही माफ कर दो ना। (३) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आप मेरी कद्र करेंगे और मेरे बारे में अच्छी बातें कहेंगे, जिसे मैं नहीं सुन सकूँगा, तो अभी कहे दो ना। (४) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आपको लगेगा कि इस इन्सान के साथ और वक़्त बिताया होता तो अच्छा होता, तो आज ही आओ ना। इसीलिए कहता हूं कि इन्तजार मत करो, इन्तजार करने में कभी कभी बहुत देर हो जाती है। इस लिये मिलते रहो, माफ कर दो, या माफी माँग लो। *मन "ख्वाईशों" मे अटका रहा* *और* *जिन्दगी हमें "जी "कर चली गई.*
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Schi baat:*खरी बात * संस्कारी औरत का शरीर केवल उसका पति ही देख सकता है। लेकिन कुछ कुल्टा व चरित्रहीन औरतें अपने शरीर की नुमाइश दुनियां के सामने करती फिरती हैं। समझदार को इशारा ही काफी है। इस पर भी नारीवादी पुरुष और नारी दोनों, कहते हैं, कि यह पहनने वाले की मर्जी है कि वो क्या पहने। बिल्कुल सही, अगर आप सहमत हैं, तो अपने घर की औरतों को, ऐसे ही पहनावा पहनने की सलाह दें। हम तो चुप ही रहेंगे।
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सोनिया ने केन्द्र सरकार से खज़ाना खोलने का किया आग्रह: *कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी का सन्देश* "मेरे प्यारे भाइयों और बहनों", पिछले 2 महीने से पूरा देश कोरोना महामारी की चुनौती और लॉकडाउन के चलते रोजी-रोटी-रोजगार के गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। देश की आजादी के बाद पहली बार दर्द का वो मंजर सबने देखा कि लाखों मजदूर नंगे पांव, भूखे-प्यासे, बगैर दवाई और साधन के सैकडों-हजारों किलोमीटर पैदल चल कर घर वापस जाने को मजबूर हो गए। उनका दर्द, उनकी पीड़ा, उनकी सिसकी देश में हर दिल ने सुनी, पर शायद सरकार ने नहीं। करोड़ों रोजगार चले गए, लाखों धंधे चौपट हो गए, कारखानें बंद हो गए, किसान को फसल बेचने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ीं। यह पीड़ा पूरे देश ने झेली, पर शायद सरकार को इसका अंदाजा ही नहीं हुआ। पहले दिन से ही, मेरे सभी कांग्रेस के सब साथियों ने, अर्थ-शास्त्रियों ने, समाज-शास्त्रियों ने और समाज के अग्रणी हर व्यक्ति ने बार-बार सरकार को यह कहा कि ये वक्त आगे बढ़ कर घाव पर मरहम लगाने का है, मजदूर हो या किसान, उद्योग हो या छोटा दुकानदार, सरकार द्वारा सबकी मदद करने का है। न जाने क्यों केंद्र सरकार यह बात समझने और लागू करने से लगातार इंकार कर रही है। इसलिए, कांग्रेस के साथियों ने फैसला लिया है कि भारत की आवाज बुलंद करने का यह सामाजिक अभियान चलाना है। हमारा केंद्र सरकार से फिर आग्रह है कि खज़ाने का ताला खोलिए और ज़रूरत मंदों को राहत दीजिये। हर परिवार को छः महीने के लिए 7,500 रू़ प्रतिमाह सीधे कैश भुगतान करें और उसमें से 10,000 रू़ फौरन दें। मज़दूरों को सुरक्षित और मुफ्त यात्रा का इंतजाम कर घर पहुंचाईये और उनके लिए रोजी रोटी का इंतजाम भी करें और राशन का इंतजाम भी करें। महात्मा गाँधी मनरेगा में 200 दिन का काम सुनिश्चित करें जिससें गांव में ही रोज़गार मिल सके। छोटे और लघु उद्योगों को लोन देने की बजाय आर्थिक मदद दीजिये, ताकि करोड़ों नौकरियां भी बचें और देश की तरक्की भी हो। आज इसी कड़ी में देशभर से कांग्रेस समर्थक, कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता, पदाधिकारी सोशल मीडिया के माघ्यम से एक बार फिर सरकार के सामने यह मांगें दोहरा रहे है । मेरा आपसे निवेदन है कि आप भी इस मुहिम में जुड़िए, अपनी परेशानी साझा कीजिए ताकि हम आपकी आवाज को और बुलंद कर सकें। संकट की इस घड़ी में हम सब हर देशवासी के साथ हैं और मिलकर इन मुश्किल हालातों पर अवश्य जीत हासिल करेंगे। जय हिंद! सोनिया गांधी
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मुबारक हो: आईपीएस नूरूल हसन जी अपनी सरिकेहयात डा0 इरम सैफी जी कें साथ अल्लाह रब्बुल इज्ज़त जोड़ी सलामत रक्खें आमीन...
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स्पोर्ट्समैन जाफ़र के सम्मान में क्रिकेट मैच: *जाफ़र मेहदी वरिष्ठ केन्द्र प्रभारी कैसरबाग डिपो कल 30 नवम्बर 2020 सोमवार को सेवानिवृत्त हो जाएगे उनके सम्मान में क्रिकेट मैच परिवहन निगम ने आयोजित किया* लखनऊ, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के स्पोर्ट्समैन जाफ़र मेहंदी जो 30 नवम्बर 2020 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे को "मुख्य महाप्रबंधक प्रशासन" सन्तोष कुमार दूबे "वरि०पी०सी०एस०" द्वारा उनके सम्मान में क्रिकेट मैच आयोजित कर उनका सम्मान किया जायेगा , जिसमें एहम किरदार पी०आर०बेलवारिया "मुख्य महाप्रबंधक "संचालन" व पल्लव बोस क्षेत्रीय प्रबन्धक-लखनऊ एवं प्रशांत दीक्षित "प्रभारी स०क्षे०प्रबन्धक" हैं जो * अवध बस स्टेशन कमता लखनऊ* के पद पर तैनात हैं , इस समय *कैसरबाग डिपो* के भी "प्रभारी स०क्षे०प्र०" हैं। कैसरबाग डिपो के वरिष्ठ केन्द्र प्रभारी जाफ़र मेहदी साहब दिनाँक,30 नवम्बर 2020 को कल सेवानिवृत्त हो जायेगे। जाफ़र मेहदी साहब की भर्ती स्पोर्ट्स कोटा के तहत 1987 में परिवहन निगम में हुई थी। जो पछले तीन सालो से दो धारी तलवार के चपेट कि मार झेल रहे थे अब आज़ादी उनके हाथ लगी मेंहदी साहब नायाब ही नहीं तारीफे काबिल हैं उनकी जितनी भी बड़ाई की जाय कम हैl कृत्य:नायाब टाइम्स
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