मेरी आवाज सुनो मुख्यमंत्री जी: *रोडवेज का संविदा चालकों/परिचालकों की बजह से नाम हुआ रोशन फिर भी उन्ही के बेतन को काटने के हुये तालिबानी आदेश* लखनऊ,रोडवेज की रीढ़ की हड्डी कहे जाने बाले संविदा के चालक/परिचालक जोकि रोडवेज का 85% संचालन करते हैं और हमेशा उन्ही को भरपेट खाने को नही दिया जाता। रोडवेज ने इन्ही कर्मचारियों की वजह से कुंभ मेले मे सबसे ज्यादा संचालित बसों द्वारा गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने में मुख्य भूमिका निभाई थी, और कोविड-19 जैसी भयंकर महामारी के दौरान भी इन्ही की बजह से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगीआदित्यनाथ जी ने भी प्रवासियों/श्रमिकों को प्रदेश के भिन्न-भिन्न स्थानों पर छोड़ने के किये गए अतुलनीय कार्य की वजह से सराहना की गई। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोविड-19 में रोडवेज की संचालित चार्टेड बसों का भुगतान *(साधारण बस 45000 रुपये प्रति बस प्रतिदिन एवं वातानुकूलित बस 56000 रुपये प्रति बस प्रतिदिन)* के हिसाब से रोडवेज को देने के लिए कहा है।फिर भी रोडवेज ने संविदा चालकों/परिचालकों को मात्र संचालित किमी०के द्वारा ही भुगतान करने का तालिबानी एलान किया है। प्राप्त सूचना के आधार पर जैसे कोई क्रू बस डिपो में सुबह 8 बजे उपस्थित हो जाता है और बह बस लेकर सुबह 08:30 बजे तक चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंच जाता है,ट्रेन आती है और यात्रियों की एक-एक करके डिटेल नोट करके बैठाये जाने का प्राविधान है, इस दौरान बसों का चारबाग से निकलते-निकलते शाम के03:00 से 04:00 बज जाते थे।माना कि उक्त बस को बहराइच जाना है जिसका लखनऊ से संचालित किमी० 250 किमी० से 300 किमी० है जोकि बस द्वारा जाना-आना 12 घंटे में पूरा होता है। जो क्रू सुबह 8 बजे बस डिपो पहुंचा था बह रात को 03:00 से 04:00 बजे आया, मतलब 20 घंटे की ड्यूटी के मात्र 390 रुपये हुये और रोडवेज को सरकार से मिले 45000 या 56000 हज़ार। इस आदेश का विरोध करते हुए रोडवेज के समस्त संगठनों द्वारा शासन प्रशासन को अवगत भी कराया है तथा कर्मचारियों में बेतन कटने से काफी रोष व्याप्त है। जबकि सरकार द्वारा पहले से जून महीने तक किसी भी कर्मचारी का बेतन न काटने के आदेश जारी किए जा चुके है फिर भी रोडवेज के अधिकारी आदेशों का उल्लंघन करते हुए कर्मचारियों का बेतन काटने के आदेश पारित कर दिए गए है। कृत्य:नायाब टाइम्स


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