डॉ०संकेत मेहता कर्मयोगी :*जान की बाज़ी💞💕💞डॉ०संकेत मेहता कोरोना वाररिर्स योद्धा* गुजरात,कोरोना वाररिर्स ग्रसित डॉ०संकेत मेहता ने बचाई अपने साथ दूसरे की जान बात कुछ यूं है...9 अगस्त की रात को जिस समय सब सो रहे थे #सूरत में एक दिल को झकझोरने वाली घटना हो गयी, यहाँ की एक प्राइवेट अस्पताल में 71 वर्षीय पुरुष को ICU में भर्ती कराया गया था, #कोरोना संक्रमित बुजुर्ग को साँस लेने में तकलीफ़ हो रही थी, उनका ऑक्सीजन लेवल (SpO2) लगातार कम होते जा रहा था... देखते ही देखते उनका ऑक्सीजन लेवल बहुत कम हो गया था, उनको तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट की ज़रूरत थी, लेकिन इसके लिये पहले मरीज़ की श्वास नली में एक Endotracheal tube (ET) डालना पड़ती है, वहाँ मौजूद डॉक्टर ने ET डालने का प्रयास किया लेकिन उनके लिये यह कार्य मुश्किल हो रहा था, इस प्रक्रिया के लिये एक एक्सपर्ट डॉक्टर (एनेस्थेटिस्ट) की ज़रूरत थी लेकिन उनके पास समय बहुत कम था... उस समय हालात ऐसे थे की अगर उस बुजुर्ग मरीज़ को तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट नहीं मिला तो उनकी जान बचा पाना मुश्किल था, 3 से 4 मिनट के भीतर ऑक्सीजन लेवल सही नहीं हुआ तो उनके दिमाग़ को काफ़ी नुक़सान उठाना पड़ सकता था... वहाँ ICU में उस समय एक एनेस्थेटिस्ट डॉक्टर मौजूद थे, वो उस बुजुर्ग मरीज़ से केवल दो बेड की दूरी पर भर्ती थे, #COVID19 से पीड़ित 37 वर्षीय “#डॉ_संकेत_मेहता” पिछले दस दिन से वहाँ अपना इलाज करवा रहे थे, उन्हें कमजोरी एवं साँस लेने में दिक़्क़त थी, इसलिये उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था... वो अपने बेड से इस मरीज़ की हालत देख रहे थे, वो मौक़े की नज़ाकत को समझ चुके थे, वहाँ मौजूद डॉक्टर और अन्य स्टाफ़ कुछ समझ पाते इसके पहले डॉ मेहता अपनी पूरी ताक़त लगा कर अपने बेड से खड़े हो गये, अपना ऑक्सीजन सपोर्ट हटा कर उस मरीज़ के पास पहुँचे, बिना समय गँवाये उसके श्वास नली में ET डाल दी, इस तरह डॉ मेहता ने अपनी जान की परवाह किये बिना अपने चिकित्सकीय कर्तव्य का पालन किया... अस्पताल से ताज़ा जानकारी के अनुसार उस बुजुर्ग मरीज़ की स्थिति अब सामान्य है, डॉ मेहता की तबियत भी ठीक है... ऐसे उत्कृष्ट योगदान के लिये इस युवा डॉक्टर को सलाम !!


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Schi baat:*खरी बात * संस्कारी औरत का शरीर केवल उसका पति ही देख सकता है। लेकिन कुछ कुल्टा व चरित्रहीन औरतें अपने शरीर की नुमाइश दुनियां के सामने करती फिरती हैं। समझदार को इशारा ही काफी है। इस पर भी नारीवादी पुरुष और नारी दोनों, कहते हैं, कि यह पहनने वाले की मर्जी है कि वो क्या पहने। बिल्कुल सही, अगर आप सहमत हैं, तो अपने घर की औरतों को, ऐसे ही पहनावा पहनने की सलाह दें। हम तो चुप ही रहेंगे।
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दीप जलाकर प्रकाश पर्व : *एस०पी०जी०आई० के चिकित्सको की कोरोना पर विजय,कनिका की छठी जाँच रिपोर्ट आई निगेटिव* लखनऊ,एस०पी०जी०आई० में 20मार्च से लगातार कोरोना पॉजिटिव कनिका कपूर और डॉक्टरों के बीच चल रहा युद्ध अब समाप्ति के कगार पर आ गया है,लगातार पाँच जाँच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी डॉक्टरों ने हार नही मानी और लगातार कनिका का उपचार करते रहे। छठी रिपोर्ट निगेटिव आने पर कनिका के परिजनों और डॉक्टरों में खुशी की लहर दौड़ गयी और कनिका को दुबारा ज़िन्दगी खुद को पहचान ने पर ईस्वर की दया से दान स्वरूपइस मिली । *इस घटना ने एक बात तो सत्य साबित कर दी है कि कोरोना से बचाव हर संभव है।* इस उदाहरण से सभी देश वासियों के बीच एक संदेश जा रहा है कि सरकार द्वारा दिये गए निर्देशों का पालन करते रहने से कोरोना जैसी प्राणघातक महामारी पर विजय पाना कोई मुश्किल काम नही। कृत्य:नायाब टाइम्स
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मंगलमय : *आपको और आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनाएं* मैं ईस्वर से प्राथना करता हूँ कि मृत्यु लोक पर आप स्वस्थ रहें। "होली के इस पर्व पर आप का जीवन हमेशा रंगों की तरह खिलता व महकता रहे,आपके वे सारे सपने पूरे हो जो आप के अपनो ने परिवार के साथ देखे हो !" नायाब अली लखनवी "सम्पादक"
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