प्रधानमंत्री को ज्ञापन: *अधिकार दिवस सम्पन्न 9 सूत्रीय मांग प्रधानमंत्री को ज्ञापन ई मेल* रायबरेली,राजेश कुमार सिंह "अध्यक्ष" द्वारा पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार जनपद के कर्मचारियों शिक्षको ने दिनांक 14 अगस्त 2020 को अधिकार दिवस मनाया तथा 9 सूत्रीय मांगपत्र का ज्ञापन माननीय प्रधानमंत्री जी कैबिनेट सचिव व माननीय मुख्य मंत्री जी को ईमेल किया राम अकबाल बहादुर सिंह अध्यक्ष कर्मचारी शिक्षक मोर्चा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के 9 सूत्रीय माँगो का निराकरण जल्द से जल्द कराये अन्यथा मजबूरन कर्मचारियों को बड़ा आंदोलन करने के लिये बाध्य होना पड़ेगा राजेश कुमार सिंह अध्यक्ष व राजकुमार मंत्री ने बताया कोविड-19 जैसी महामारी से निपटने मे भी कर्मचारियों ने पूरा सहयोग दिया है और देते रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर, नर्सेज, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, एक्सरे टेक्नीशियन, एवं अन्य तकनीकी कर्मचारी तथा वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारियों ने तो जान जोखिम में डालकर मरीजों की रक्षा कर रहे हैं /रोडवेज के कर्मचारियों ने विभिन्न प्रदेशों में रह रहे मजदूर विद्यार्थियों व लोगो को उनके गृह जनपद व जिले तक पहुंचाया देशभर के कुछ हजार कर्मचारी भी संक्रमित हुए हैं और कुछ ने अपनी जान भी गंवा दी। उनके बच्चे अनाथ हो गए हैं। खेद का विषय है कि जनता तो ऐसे कर्मचारियों को सम्मान दे रही है। इप्सेफ ने भी उन्हें सम्मानित किया है परंतु केंद्र एवं राज्यों की सरकारों ने ना तो आर्थिक सहयोग दिया और ना उन्हें सम्मानित ही किया है। देश के विभागों के अन्य कर्मचारी भी इस बीमारी से संक्रमित एवं भयभीत हुए हैं। देशभर के सैकड़ों कर्मचारियों एवं उनके परिवार की जाने भी जा चुकी है। महोदय, आप देशभर के कर्मचारियों के मुखिया हैं देश आपकी कार्य प्रणाली पर गर्व कर रहा है परंतु खेद है आपकी सरकार ने देश भर के करोड़ों कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया है जिससे देशभर के कई करोड़ कर्मचारी मोमबत्ती जलाकर, काला फीता बांधकर, कर्तव्य दिवस मनाकर एवं आज ‘‘अधिकार दिवस’’ मना रहे हैं। इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन का आपसे आग्रह है कि निम्न मांगों पर मिल बैठकर आपेक्षित निर्णय करने की कृपा करें। अन्यथा विवश होकर देश भर के केंद्रीय एवं राज्य के कर्मचारी बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे जिसका उत्तरदायित्व भारत सरकार का होगाः- प्रमुख मांगेः- 1. अंग्रेजों द्वारा बनाए गए आचरण नियमों (कंडक्ट रूल्स) चरित्र पंजिका प्रविष्टि आदि को समाप्त करके कर्मचारियों को लोकतांत्रिक एवं ट्रेड यूनियन अधिकार दिया जाय। 2. ‘‘एक देश-एक सा वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाएं’’ देने के लिए राष्ट्रीय वेतन आयोग का गठन किया जाय। इसकी मांग पहले ही आपसे की जा चुकी है। 3 नई पेंशन स्कीम(राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम)2004 की वापसी तथा पुरानी पेंशन की बहाली 4 देशभर के स्वायत्तशासी संस्थाओं (आॅगनबाड़ी) के कर्मचारियों के केन्द्र सरकार के कर्मचारियों की भांति वेतन भत्ते बोनस पेंशन आदि सभी सुविधाएं समान रूप से किया जाए। 5. सार्वजनिक निगमों, स्थानीय निकायों संस्थानों को समाप्त करके निजीकरण ब्यवस्था लागू करने के निर्णय को वापस किया जाय। 6. मोनोपली को दूर करने के लिए सार्वजनिक निगमों को सुदृढ़ किया जाय। इससे महंगाई पर तथा क्वालिटी पर भी असर पड़ेगा। 7. केन्द्र और राज्य सरकारों की विभिन्न स्कीमों एवं प्रोग्रामो में कार्यरत पब्लिक सर्विस कर्मचारियों जैसे कि आउटसोर्सिंग, संविदा (ठेका) आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं सहायिका तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों इत्यादि को नियमित करने एवं कर्मचारियों की भांति वेतन भत्ते सुविधाएं देने के लिए एक नीति बनायी जाये 8. राज्यों के कर्मचारी शिक्षकों के 7वें वेतन आयोंग का लाभ केन्द्र की भांति दिया जाय। 9. ग्रुप सी व डी की भर्ती खोलकर आउटसोर्सिंग, संविदा, आंगनबाड़ी, सहायिका एवं मनरेगा की भर्तियों को नियमित किया जाय। राजकुमार ,एस के सिंह, नीरज मौर्य, रामेन्द्र मिश्रा ,राजीव चतुर्वेदी ,जावेद अहमद, अवधेश सिंह, गोपाल सिंह ,शशिबाला सिंह, रजनी त्रिपाठी, सुमन श्रीवास्तव ,सुमित्रा देवी ,अशोक दुबे ,अनिल श्रीवास्तव, दृगपाल वर्मा अभिषेक गुप्ता, भीष्म सिंह, डॉ अनिल गुप्ता ,डॉ सौरभ शर्मा संजय मधेशिया सहित जनपद के समस्त कर्मचारियों की भागीदारी रही। कृत्य:नायाब टाइम्स


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