आज से हुवा शुभारम्भ प्रमोद कुमार: *"राष्ट्रीय पोषण माह 30 सितम्बर तक चलने वाले आयोजन का जनपद व ब्लाक स्तरों पर हुआ आज से शुभारम्भ" एवं पोषक तत्व युक्त आहार खाए सदैव अच्छी सेहत पाये कोविड-19 संक्रमण से बचाव व सोशल डिस्टेसिंग, मास्क आदि प्रयोग करते हुए राष्ट्रीय पोषण माह का किया जाये आयोजन* रायबरेली,आज दिनाँक- 07 सितम्बर, 2020 तेजतर्रार कर्मठ योग्य जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देशानुसार जनपद में 30 सितम्बर माह तक चलने वाले राष्ट्रीय पोषण मिशन के अन्तर्गत पोषण अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारम्भ कोविड-19 कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत रखते हुए बचत भवन के निकट तथा सभी ब्लाकों में विधिवत प्रारम्भ कर दिया गया है। राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारम्भ सहायक निदेशक सूचना प्रमोद कुमार व जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद कुमार त्रिपाठी द्वारा फीता काटकर व दीप प्रज्जवलित कर किया गया। राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन मा0 मुख्यमंत्री, शासन प्रशासन द्वारा दिये गये दिशा निर्देशानुसार दूरदराज क्षेत्रों में कोविड-19 संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए सोशल डिस्टेसिंग, सेनेटाइजर, मास्क आदि का प्रयोग करते हुए मनाया जाये। जहां अधिक से अधिक डिजिटल आदि के माध्यम से भी योजना को धरातल पर लाने का कार्य हम सबका है, इसलिए सभी सम्बन्धित विभाग समन्वय बनाकर कार्य करना होगा। उत्तम पोषण, उत्तर प्रदेश रोशन को पोषण की जागरूकता व स्वस्थ राष्ट की कुंजी को जन सहयोग आंदोलन के माध्यम से अधिक सशक्त किया जा सकता हैं। कुपोषण तीन प्रकार के होते है जिसमें सामान्य वेस्टेड(सैम/मैम), स्टेन्टेड (नाटापन) व अदृष्य (भ्पककमद ीनदहमत) सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी, एनीमिया विटामिन ए व जिंक होते हैं। कुपोषण से मुक्ति के लिए 0-5 वर्ष के बच्चों के साथ ही महिलाए, किशोरियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा जरूरी है। इसके लिए सुपोषित जनपद, प्रदेश के लिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता जरूरी है। एडी सूचना प्रमोद कुमार द्वारा बताया गया कि प्रदेश मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा विगत दिवस वीसी के माध्यम से जोर दिया गया कि राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन बच्चों महिलाओं किशोरिया जो कुपोषित है उनके स्वास्थ से जुड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम है जिसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये। पोषण के स्तर को बेहतर करने के लिए कुपोषित परिवारों को जिनके पास गाय रखने का स्थान उपलब्ध है तथा गाय पालन के इच्छुक है उन्हे निराश्रित गौवंश आश्रय स्थलो से गाय उपलब्ध करायी जाये। गाय के भरण पोषण के लिए प्रति गाय प्रतिमाह 900 रूपये भी प्रदान किए जाये। उन्होने सभी एसडीएमए बीडीओ तथा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना जिसमें पूर्व में ही व्यवस्था है जिसका अनुपालन करते हुये कार्यवाही की जाये। उन्होने कहा कि कुपोषित ऐसे परिवारो को अच्छा पोषण उपलब्ध कराने के लिए किचन गार्डेन विकसित करने के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित किया जाये। जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से कहा गया है कि प्रदेश से कुपोषण दूर करने के लिए सरकार, शासन प्रशासन पूरी तरह से दृढसंकल्पित है। राष्ट्रीय पोषण माह/पोषण मिशन अभियान का मुख्य उद्देश्य कुपोषण में कमी लाना है। खुले में शौच, दस्त, साफ पानी की कमी, अपर्याप्त भोजन, स्तनपान एवं उपरी आहार से बच्चे को वंचित रखना आदि कुपोषण के कारण रहे हैं। गर्भावस्था के दौरान एवं बच्चे के जन्म के बाद से 730 दिन (कुल 1000 दिन) तक बच्चे की सही देखभाल, मां को पोषक आहार देकर, आइरन का सेवन प्रसव पूर्ण जांचे कराकर, नियमित टीकाकरण से बच्चों को कुपोषित होने से बचाया जा सकता है। राष्ट्रीय पोषण माह भारत सरकार द्वारा प्रदेश सहित जनपद में दिनाँक,30 सितम्बर 2020 तक चलने वाले राष्ट्रीय पोषण माह में चार वेबिनार आयोजित किये जा रहे है। जिसमें दिनाँक,7 सितम्बर 2020 को पोषण अभियान अन्तर्गत बेस्ट पै्रक्टिस एंड सक्सेस स्टोरीज मध्यान्ह 12 बजे से 1ः15 बजे एनआईसी वेबकास्ट लिंग ीजजचेरूध्ध्ूमइबंेजण्हवअण्पदध्तदूबकध् पर लाईव प्रसारण किया गया। यूट्यूब चैनल मिनिस्ट्री आॅफ डब्ल्यूसीडी ीजजचेरूध्ध्ूूूण्लवनजनइमण्बवउध्डपदेजतलॅब्क्ए ीजजचेरूध्ध्लवनजनण्इमध्जच्च्4सश्रसॅिह पर वेबिनार सम्बन्धित एजेण्डा के बारे में बताया गया। इसी प्रकार 8 सितम्बर को बच्चा एवं माता हेतु प्रथम 1000 दिवस में पोषण की आवश्यकता, 15 सितम्बर को गर्भवती महिला एवं किशोरी के हड्डी के विकास हेतु पोषण व मातृ, शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण, 22 सितम्बर को बच्चों में आंत्र संक्रमण का स्कूल आधारित रोकथाम एवं प्रबंधन पर अपरान्ह 4 बजे से 5 बजे तक यूट्यूब चैनलों पर आयोजित किया जायेगा। राष्ट्रीय पोषण माह आयोजन को अधिक सफल बनाने के लिए आम-जनमानस को जागरूक करने की आवश्यकता है। नवजात शिशुओं को बचाने के लिए बच्चा पैदा होने लगभग कुछ घण्टे के बाद उसको मा का दूध पिलाना अत्यधिक जरूरी है इस पर सभी सीडीपीओ अधिकारी/कर्मचारी मुख्य सेविकाए, आगनबाड़ी कार्यकत्री इस पर ध्यान दें। इसके अलावा लाल श्रेणी कुपोषित बच्चों को पोषित की श्रेणी में लाये। कुपोषण को कम करने के लिए घर-घर व स्कूल कालेजों में जहां पर स्थान चिन्हित कर किंचन गार्डेन तैयार कर फल, सब्जी आदि पैदा करके पोषक तत्व युक्त आहार खाए सदैव अच्छी सेहत पाए की भी जानकारी दी जाये। इस दौरान जिला सूचना विभाग द्वारा आये हुए आमजनमानस व आंगनबाड़ी कार्यकत्री को कोरोना जागरूकता से सम्बन्धि कोरोना से बचना है असान बातो का रखे ध्यान व 6 विधानसभाओं की सुशासन के 3 वर्ष विकास पुस्तिका को भी आमजनमानस में वितरित कराई गई। इस मौके पर जिला कृषि अधिकारी रविचन्द्र प्रकाश, उद्यान अधिकारी, कई सीडीपीओ संध्या श्रीवास्तव शहर, सत्यजीत सिंह, रमाकांति, सरस कपूर, नागेन्द्र भारती सहित बड़ी संख्या में आगनबाड़ी कार्यकत्री उपस्थित थी। कृत्य:नायाब टाइम्स -


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*--1918 में पहली बार इस्तेमाल हुआ ''हिन्दू'' शब्द !--* *तुलसीदास(1511ई०-1623ई०)(सम्वत 1568वि०-1680वि०)ने रामचरित मानस मुगलकाल में लिखी,पर मुगलों की बुराई में एक भी चौपाई नहीं लिखी क्यों ?* *क्या उस समय हिन्दू मुसलमान का मामला नहीं था ?* *हाँ,उस समय हिंदू मुसलमान का मामला नहीं था क्योंकि उस समय हिन्दू नाम का कोई धर्म ही नहीं था।* *तो फिर उस समय कौनसा धर्म था ?* *उस समय ब्राह्मण धर्म था और ब्राह्मण मुगलों के साथ मिलजुल कर रहते थे,यहाँ तक कि आपस में रिश्तेदार बनकर भारत पर राज कर रहे थे,उस समय वर्ण व्यवस्था थी।तब कोई हिन्दू के नाम से नहीं जाति के नाम से पहचाना जाता था।वर्ण व्यवस्था में ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य से नीचे शूद्र था सभी अधिकार से वंचित,जिसका कार्य सिर्फ सेवा करना था,मतलब सीधे शब्दों में गुलाम था।* *तो फिर हिन्दू नाम का धर्म कब से आया ?* *ब्राह्मण धर्म का नया नाम हिन्दू तब आया जब वयस्क मताधिकार का मामला आया,जब इंग्लैंड में वयस्क मताधिकार का कानून लागू हुआ और इसको भारत में भी लागू करने की बात हुई।* *इसी पर ब्राह्मण तिलक बोला था,"क्या ये तेली, तम्बोली,कुणभठ संसद में जाकर हल चलायेंगे,तेल बेचेंगे ? इसलिए स्वराज इनका नहीं मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है यानि ब्राह्मणों का। हिन्दू शब्द का प्रयोग पहली बार 1918 में इस्तेमाल किया गया।* *तो ब्राह्मण धर्म खतरे में क्यों पड़ा ?* *क्योंकि भारत में उस समय अँग्रेजों का राज था,वहाँ वयस्क मताधिकार लागू हुआ तो फिर भारत में तो होना ही था।* *ब्राह्मण की संख्या 3.5% हैं,अल्पसंख्यक हैं तो राज कैसे करेंगे ?* *ब्राह्मण धर्म के सारे ग्रंथ शूद्रों के विरोध में,मतलब हक-अधिकार छीनने के लिए,शूद्रों की मानसिकता बदलने के लिए षड़यंत्र का रूप दिया गया।* *आज का OBC ही ब्राह्मण धर्म का शूद्र है। SC (अनुसूचित जाति) के लोगों को तो अछूत घोषित करके वर्ण व्यवस्था से बाहर रखा गया था।* *ST (अनुसूचित जनजाति) के लोग तो जंगलों में थे उनसे ब्राह्मण धर्म को क्या खतरा ? ST को तो विदेशी आर्यों ने सिंधु घाटी सभ्यता संघर्ष के समय से ही जंगलों में जाकर रहने पर मजबूर किया उनको वनवासी कह दिया।* *ब्राह्मणों ने षड़यंत्र से हिन्दू शब्द का इस्तेमाल किया जिससे सबको को समानता का अहसास हो लेकिन ब्राह्मणों ने समाज में व्यवस्था ब्राह्मण धर्म की ही रखी।जिसमें जातियाँ हैं,ये जातियाँ ही ब्राह्मण धर्म का प्राण तत्व हैं, इनके बिना ब्राह्मण का वर्चस्व खत्म हो जायेगा।* *इसलिए तुलसीदास ने मुसलमानों के विरोध में नहीं शूद्रों के विरोध में शूद्रों को गुलाम बनाए रखने के लिए लिखा !* *"ढोल गंवार शूद्र पशु नारी।ये सब ताड़न के अधिकारी।।"* *अब जब मुगल चले गये,देश में OBC-SC के लोग ब्राह्मण धर्म के विरोध में ब्राह्मण धर्म के अन्याय अत्याचार से दुखी होकर इस्लाम अपना लिया था* *तो अब ब्राह्मण अगर मुसलमानों के विरोध में जाकर षड्यंत्र नहीं करेगा तो OBC,ST,SC के लोगों को प्रतिक्रिया से हिन्दू बनाकर,बहुसंख्यक लोगों का हिन्दू के नाम पर ध्रुवीकरण करके अल्पसंख्यक ब्राह्मण बहुसंख्यक बनकर राज कैसे करेगा ?* *52% OBC का भारत पर शासन होना चाहिये था क्योंकि OBC यहाँ पर अधिक तादात में है लेकिन यहीं वर्ग ब्राह्मण का सबसे बड़ा गुलाम भी है। यहीं इस धर्म का सुरक्षाबल बना हुआ है,यदि गलती से भी किसी ने ब्राह्मणवाद के खिलाफ आवाज़ उठाई तो यहीं OBC ब्राह्मणवाद को बचाने आ जाता है और वह आवाज़ हमेशा के लिये खामोश कर दी जाती है।* *यदि भारत में ब्राह्मण शासन व ब्राह्मण राज़ कायम है तो उसका जिम्मेदार केवल और केवल OBC है क्योंकि बिना OBC सपोर्ट के ब्राह्मण यहाँ कुछ नही कर सकता।* *OBC को यह मालूम ही नही कि उसका किस तरह ब्राह्मण उपयोग कर रहा है, साथ ही साथ ST-SC व अल्पसंख्यक लोगों में मूल इतिहास के प्रति अज्ञानता व उनके अन्दर समाया पाखण्ड अंधविश्वास भी कम जिम्मेदार नही है।* *ब्राह्मणों ने आज हिन्दू मुसलमान समस्या देश में इसलिये खड़ी की है कि तथाकथित हिन्दू (OBC,ST,SC) अपने ही धर्म परिवर्तित भाई मुसलमान,ईसाई से लड़ें,मरें क्योंकि दोनों ओर कोई भी मरे फायदा ब्राह्मणों को ही हैं।* *क्या कभी आपने सुना है कि किसी दंगे में कोई ब्राह्मण मरा हो ? जहर घोलनें वाले कभी जहर नहीं पीते हैं।*
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मुत्यु लोक का सच:*आचार्य रजनीश* (१) जब मेरी मृत्यु होगी तो आप मेरे रिश्तेदारों से मिलने आएंगे और मुझे पता भी नहीं चलेगा, तो अभी आ जाओ ना मुझ से मिलने। (२) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आप मेरे सारे गुनाह माफ कर देंगे, जिसका मुझे पता भी नहीं चलेगा, तो आज ही माफ कर दो ना। (३) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आप मेरी कद्र करेंगे और मेरे बारे में अच्छी बातें कहेंगे, जिसे मैं नहीं सुन सकूँगा, तो अभी कहे दो ना। (४) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आपको लगेगा कि इस इन्सान के साथ और वक़्त बिताया होता तो अच्छा होता, तो आज ही आओ ना। इसीलिए कहता हूं कि इन्तजार मत करो, इन्तजार करने में कभी कभी बहुत देर हो जाती है। इस लिये मिलते रहो, माफ कर दो, या माफी माँग लो। *मन "ख्वाईशों" मे अटका रहा* *और* *जिन्दगी हमें "जी "कर चली गई.*
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परिवहन निगम: *राधा प्रधान आलमबाग डिपो की बनी स्टेशन इंचार्ज* *लखनऊ* उ०प्र०परि० निगम लखनऊ क्षेत्र के आलमबाग डिपो की राधा प्रधान (स्टेशन इंचार्ज) व मधु श्रीवास्तव (स्टेशन इंचार्ज) बस स्टेशन प्रबंधन आलमबाग बस टर्मिनल लखनऊ बनी जो परिवहन निगम के हित मे कार्य करेगी। *नायाब टाइम्स*
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अति दुःखद: *पूर्व विधायक आशा किशोर के पति का निधन* रायबरेली,सलोन विधान सभा के समाजवादी पार्टी की पूर्व विधायक आशा किशोर के पति श्याम किशोर की लंबी बीमारी के बाद लखनऊ के एक अस्पताल में निधन हो गया।इनकी उम्र लगभग 70 वर्ष की थी और पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। स्व श्याम किशोर अपने पीछे पत्नी आशा किशोर सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए है। श्याम किशोर की अंत्येष्टि पैतृक गांव सुखठा, दीन शाहगौरा में किया गया।इस अवसर पर सपा के वरिष्ठ नेता रामबहादुर यादव, विधायक डॉ मनोज कुमार पांडे, आरपी यादव, भाजपा सलोन विधायक दल बहादुर कोरी, राम सजीवन यादव, जगेश्वर यादव, राजेंद्र यादव,अखिलेश यादव राहुल निर्मल आदि ने पहुंचकर शोक संतृप्त परिवार को ढांढस बंधाया। कृत्य:नायाब टाइम्स
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: योगी आदित्यनाथमुख्यसचिव आर के तिवारी ने इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत किया।गर्भावस्था के 280 दिन और जन्म के बाद के दो साल शिशु के लिए बहुत महत्वपूर्ण। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 40 बच्चों को भोजन करा राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम का शुभारंभ किया बच्चों की थाली में सहजन की सब्जी सहजन की दाल सहजन के पराठे और गुड़ के लड्डू उन्हें दिया गया कार्यक्रम में आए बच्चों की माताओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी पांच कालिदास मार्ग स्थित आवास पर किया गया
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