जेल का निरीक्षण प्रशासन द्वारा: *जनपद के जिला जज रायबरेली-अमेठी के डीएम-एसपी द्वारा जिला कारागार का निरीक्षण किया। जनपद के जिला जज, रायबरेली व अमेठी के डीएम-एसपी ने जिला कारागार का किया निरीक्षण जेल मैन्युअल के अनुरूप कार्य करे, कोविड-19 के दृष्टिगत खासी, जुखाम, बुखार वाले व वृद्ध बंदियो पर दे विशेष ध्यान: डीएम* रायबरेली,आज दिनाँक-28 सितम्बर, 2020 को जनपद रायरबेली के जिला जज अब्दुल शाहिद व जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के साथ जनपद अमेठी के जिलाधिकारी अरुण कुमार ने रायबरेली के जिला कारागार का सयुक्त रूप से महिला/पुरूष बन्दी गृह का औचक निरीक्षण किया। ज्ञातव्य है कि जनपद अमेठी में जिला कारागार न होने के कारण तहसील तिलोई के थाना जायस, फुरसतगंज, मोहनगंज व शिवरतनगंज के अपराधियों को रायबरेली जेल भेजा जाता है। इस दौरान दोनो जनपद के पुलिस अधीक्षक रायबरेली श्लोक कुमार व अमेठी दिनेश सिंह उपस्थित थे। महिला बैरक, कारागार चिकित्सालय व अन्य बन्दियों की बैरकों का निरीक्षण किया गया। चिकित्सालय में भर्ती बंदियों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली एवं उनके समुचित उपचार हेतु डॉक्टरों को निर्देश दिए। जिला जज व डीएम-एसपी ने बैरकों में कैदियों के सामानों एवं बिस्तरों की सघन तलाशी ली गयी। बैरकों में नियमित रूप से साफ-सफाई कराने हेतु जेल अधीक्षक को निर्देशित किया। जेल के अन्दर किसी भी तरह के प्रतिबन्धित सामाग्री को अन्दर कदापि न जाने दिया जाये। इसके अलावा पूरी तहर से जेल मैन्युअल के अनुरूप कार्य किये जाये। अधिकारियों द्वारा कैदियों से बात-चीत कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली, बन्दियों द्वारा परिवार वालों से मुलाकात करने की समस्या बताई, जिस पर अधिकारियों ने बन्दियों को अवगत कराया कि शासन के निर्देश पर कोविड-19 के दृष्टिगत मुलाकात बंद है इसके लिए उन्होंने फोन के माध्यम से बंदियों के घरवालों से बात कराने के निर्देश जेल अधीक्षक को दिए। जिला जज दोनो जिलाधिकारी ने जिला कारागार में रसोई घर का भी निरीक्षण किया और कहा कि साफ-सफाई के साथ गुणवत्ता युक्त भोजन बनाये जाने के निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतिदिन समस्त बैरकों में बन्दियों की सघन तलाशी करायी जाये यदि किसी बन्दी के पास कोई आपत्तिजनक वस्तुयें बरामद हो तो तत्काल सम्बन्धित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाये। बन्दियों के भोजन गुणवत्ता की भी समय पर जांच कराते रहे तथा शौचालय एवं नालियों आदि की समुचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कोरोना के संक्रमण से समुचित बचाव, मास्क का प्रयोग करने के साथ सोशल डिस्टेसिंग बनाते हुए कार्य किया जाये। जिला करागार की साफ-सफाई अन्य कमियों के लिए जेल प्रशासन को उचित-दिशा निर्देश दिये। उन्होंने जेल में अपराधियों से मिलने आने वाले लोगों की भी जानकारी प्राप्त करने के साथ ही स्वास्थ्य प्रोटोकाल व शासन द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिये। जिला जज, डीएम-एसपी ने जेल की व्यवस्थाओं को नियामानुसार दुरूस्त रखने के साथ ही महिला/पुरूष बन्दी गृह एवं मरीजों के ईलाज में किसी भी प्रकार की कोई शिथिलता व लापरवाही न बरती जाये। बंदियों के खासी, जुखाम, बुखार आदि बीमारियों से ग्रस्त वाले बंदियों पर विशेष ध्यान दिया जाये। वृद्ध महिलाओं व बच्चों, बुजुर्ग आदि पर विशेष ध्यान दें। निरीक्षण के दौरान चल रहे सीसीटीवी कैमरों व कारागार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कृत्य:नायाब टाइम्स


Popular posts
*--1918 में पहली बार इस्तेमाल हुआ ''हिन्दू'' शब्द !--* *तुलसीदास(1511ई०-1623ई०)(सम्वत 1568वि०-1680वि०)ने रामचरित मानस मुगलकाल में लिखी,पर मुगलों की बुराई में एक भी चौपाई नहीं लिखी क्यों ?* *क्या उस समय हिन्दू मुसलमान का मामला नहीं था ?* *हाँ,उस समय हिंदू मुसलमान का मामला नहीं था क्योंकि उस समय हिन्दू नाम का कोई धर्म ही नहीं था।* *तो फिर उस समय कौनसा धर्म था ?* *उस समय ब्राह्मण धर्म था और ब्राह्मण मुगलों के साथ मिलजुल कर रहते थे,यहाँ तक कि आपस में रिश्तेदार बनकर भारत पर राज कर रहे थे,उस समय वर्ण व्यवस्था थी।तब कोई हिन्दू के नाम से नहीं जाति के नाम से पहचाना जाता था।वर्ण व्यवस्था में ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य से नीचे शूद्र था सभी अधिकार से वंचित,जिसका कार्य सिर्फ सेवा करना था,मतलब सीधे शब्दों में गुलाम था।* *तो फिर हिन्दू नाम का धर्म कब से आया ?* *ब्राह्मण धर्म का नया नाम हिन्दू तब आया जब वयस्क मताधिकार का मामला आया,जब इंग्लैंड में वयस्क मताधिकार का कानून लागू हुआ और इसको भारत में भी लागू करने की बात हुई।* *इसी पर ब्राह्मण तिलक बोला था,"क्या ये तेली, तम्बोली,कुणभठ संसद में जाकर हल चलायेंगे,तेल बेचेंगे ? इसलिए स्वराज इनका नहीं मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है यानि ब्राह्मणों का। हिन्दू शब्द का प्रयोग पहली बार 1918 में इस्तेमाल किया गया।* *तो ब्राह्मण धर्म खतरे में क्यों पड़ा ?* *क्योंकि भारत में उस समय अँग्रेजों का राज था,वहाँ वयस्क मताधिकार लागू हुआ तो फिर भारत में तो होना ही था।* *ब्राह्मण की संख्या 3.5% हैं,अल्पसंख्यक हैं तो राज कैसे करेंगे ?* *ब्राह्मण धर्म के सारे ग्रंथ शूद्रों के विरोध में,मतलब हक-अधिकार छीनने के लिए,शूद्रों की मानसिकता बदलने के लिए षड़यंत्र का रूप दिया गया।* *आज का OBC ही ब्राह्मण धर्म का शूद्र है। SC (अनुसूचित जाति) के लोगों को तो अछूत घोषित करके वर्ण व्यवस्था से बाहर रखा गया था।* *ST (अनुसूचित जनजाति) के लोग तो जंगलों में थे उनसे ब्राह्मण धर्म को क्या खतरा ? ST को तो विदेशी आर्यों ने सिंधु घाटी सभ्यता संघर्ष के समय से ही जंगलों में जाकर रहने पर मजबूर किया उनको वनवासी कह दिया।* *ब्राह्मणों ने षड़यंत्र से हिन्दू शब्द का इस्तेमाल किया जिससे सबको को समानता का अहसास हो लेकिन ब्राह्मणों ने समाज में व्यवस्था ब्राह्मण धर्म की ही रखी।जिसमें जातियाँ हैं,ये जातियाँ ही ब्राह्मण धर्म का प्राण तत्व हैं, इनके बिना ब्राह्मण का वर्चस्व खत्म हो जायेगा।* *इसलिए तुलसीदास ने मुसलमानों के विरोध में नहीं शूद्रों के विरोध में शूद्रों को गुलाम बनाए रखने के लिए लिखा !* *"ढोल गंवार शूद्र पशु नारी।ये सब ताड़न के अधिकारी।।"* *अब जब मुगल चले गये,देश में OBC-SC के लोग ब्राह्मण धर्म के विरोध में ब्राह्मण धर्म के अन्याय अत्याचार से दुखी होकर इस्लाम अपना लिया था* *तो अब ब्राह्मण अगर मुसलमानों के विरोध में जाकर षड्यंत्र नहीं करेगा तो OBC,ST,SC के लोगों को प्रतिक्रिया से हिन्दू बनाकर,बहुसंख्यक लोगों का हिन्दू के नाम पर ध्रुवीकरण करके अल्पसंख्यक ब्राह्मण बहुसंख्यक बनकर राज कैसे करेगा ?* *52% OBC का भारत पर शासन होना चाहिये था क्योंकि OBC यहाँ पर अधिक तादात में है लेकिन यहीं वर्ग ब्राह्मण का सबसे बड़ा गुलाम भी है। यहीं इस धर्म का सुरक्षाबल बना हुआ है,यदि गलती से भी किसी ने ब्राह्मणवाद के खिलाफ आवाज़ उठाई तो यहीं OBC ब्राह्मणवाद को बचाने आ जाता है और वह आवाज़ हमेशा के लिये खामोश कर दी जाती है।* *यदि भारत में ब्राह्मण शासन व ब्राह्मण राज़ कायम है तो उसका जिम्मेदार केवल और केवल OBC है क्योंकि बिना OBC सपोर्ट के ब्राह्मण यहाँ कुछ नही कर सकता।* *OBC को यह मालूम ही नही कि उसका किस तरह ब्राह्मण उपयोग कर रहा है, साथ ही साथ ST-SC व अल्पसंख्यक लोगों में मूल इतिहास के प्रति अज्ञानता व उनके अन्दर समाया पाखण्ड अंधविश्वास भी कम जिम्मेदार नही है।* *ब्राह्मणों ने आज हिन्दू मुसलमान समस्या देश में इसलिये खड़ी की है कि तथाकथित हिन्दू (OBC,ST,SC) अपने ही धर्म परिवर्तित भाई मुसलमान,ईसाई से लड़ें,मरें क्योंकि दोनों ओर कोई भी मरे फायदा ब्राह्मणों को ही हैं।* *क्या कभी आपने सुना है कि किसी दंगे में कोई ब्राह्मण मरा हो ? जहर घोलनें वाले कभी जहर नहीं पीते हैं।*
Image
मुत्यु लोक का सच:*आचार्य रजनीश* (१) जब मेरी मृत्यु होगी तो आप मेरे रिश्तेदारों से मिलने आएंगे और मुझे पता भी नहीं चलेगा, तो अभी आ जाओ ना मुझ से मिलने। (२) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आप मेरे सारे गुनाह माफ कर देंगे, जिसका मुझे पता भी नहीं चलेगा, तो आज ही माफ कर दो ना। (३) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आप मेरी कद्र करेंगे और मेरे बारे में अच्छी बातें कहेंगे, जिसे मैं नहीं सुन सकूँगा, तो अभी कहे दो ना। (४) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आपको लगेगा कि इस इन्सान के साथ और वक़्त बिताया होता तो अच्छा होता, तो आज ही आओ ना। इसीलिए कहता हूं कि इन्तजार मत करो, इन्तजार करने में कभी कभी बहुत देर हो जाती है। इस लिये मिलते रहो, माफ कर दो, या माफी माँग लो। *मन "ख्वाईशों" मे अटका रहा* *और* *जिन्दगी हमें "जी "कर चली गई.*
Image
परिवहन निगम: *राधा प्रधान आलमबाग डिपो की बनी स्टेशन इंचार्ज* *लखनऊ* उ०प्र०परि० निगम लखनऊ क्षेत्र के आलमबाग डिपो की राधा प्रधान (स्टेशन इंचार्ज) व मधु श्रीवास्तव (स्टेशन इंचार्ज) बस स्टेशन प्रबंधन आलमबाग बस टर्मिनल लखनऊ बनी जो परिवहन निगम के हित मे कार्य करेगी। *नायाब टाइम्स*
Image
अति दुःखद: *पूर्व विधायक आशा किशोर के पति का निधन* रायबरेली,सलोन विधान सभा के समाजवादी पार्टी की पूर्व विधायक आशा किशोर के पति श्याम किशोर की लंबी बीमारी के बाद लखनऊ के एक अस्पताल में निधन हो गया।इनकी उम्र लगभग 70 वर्ष की थी और पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। स्व श्याम किशोर अपने पीछे पत्नी आशा किशोर सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए है। श्याम किशोर की अंत्येष्टि पैतृक गांव सुखठा, दीन शाहगौरा में किया गया।इस अवसर पर सपा के वरिष्ठ नेता रामबहादुर यादव, विधायक डॉ मनोज कुमार पांडे, आरपी यादव, भाजपा सलोन विधायक दल बहादुर कोरी, राम सजीवन यादव, जगेश्वर यादव, राजेंद्र यादव,अखिलेश यादव राहुल निर्मल आदि ने पहुंचकर शोक संतृप्त परिवार को ढांढस बंधाया। कृत्य:नायाब टाइम्स
Image
: योगी आदित्यनाथमुख्यसचिव आर के तिवारी ने इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत किया।गर्भावस्था के 280 दिन और जन्म के बाद के दो साल शिशु के लिए बहुत महत्वपूर्ण। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 40 बच्चों को भोजन करा राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम का शुभारंभ किया बच्चों की थाली में सहजन की सब्जी सहजन की दाल सहजन के पराठे और गुड़ के लड्डू उन्हें दिया गया कार्यक्रम में आए बच्चों की माताओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी पांच कालिदास मार्ग स्थित आवास पर किया गया
Image