जिला मजिस्ट्रेट : *एनआईसी में वीसी के माध्यम से सीएम ने संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान को सम्बोधित करते हुए, डीएम अधिकारियों को निर्देश देते हुए-वीसी के माध्यम सीएम ने संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक के तृतीय चरण अभियान का किया शुभारम्भ कोरोना संक्रमण से बचाव व लड़ने के साथ ही संचारी रोगों से बचाव की कार्यवाही को आगे बढ़ाये: सीएम संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान तृतीय चरण 1 से 31 अक्टूबर तक सरकार इंसेफलाइटिस रोग के समूल उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध: डीएम* रायबरेली,आज दिनाँक,01 अक्टूबर, 2020 को जनपद में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने एनआईसी में संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान के तृतीय चरण शुभारम्भ सीएमओं सहित सम्बन्धित अधिकारियों को उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा अपने आवास पर संचारी रोग नियंत्रण के तृतीय चरण अभियान का शुभारम्भ के उपरान्त कोविड-19 के दृष्टिगत रखते हुए अभियान को मा0 मुख्यमंत्री जी के मंशा के अनुरूप संचालित करने के निर्देश दिये। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने समस्त जनपद को वीडियों काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिये कि आज से शुरू हुए 31 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान को सम्बन्धित सभी विभाग कोरोना संक्रमण से बचाव व लड़ने के साथ ही संचारी रोगों से बचाव की कार्यवाही को आगे बढ़ाये। पर्व त्योहार आदि पर भीड़-भाड़ न होंने दें साथ ही दो गज की दूरी मास्क है जरूरी मंत्र को अपनाते हुए संचारी रोगों के आयोजन व जागरूकता के कार्यक्रम को अन्तर विभागीय सहभागिता से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान जिन बच्चों के टीके नही लगे है उन्हें सावधानी व सुरक्षा के साथ ही लगाये जाये। इसके अलावा व्यापक पैमाने पर स्वच्छता, सेनेटाइजेशन आदि की सुविधाए बढ़ाई जाये। प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण व तृतीय विशेष संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान सरकार की शीर्ष प्राथमिकता वाले व जन-जन के स्वास्थ्य से जुड़ा एक कार्यक्रम है जिसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता व लापरवाही न बरती जाये। टीम भावना व कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु स्वास्थ्य प्रोटोकाल के अनुरूप कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि दिमागी बुखार को, मलेरिया, चिकनगुनिया, डेगू आदि बीमारियों को बेहतर संविलास व उपचार की बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए लक्ष्य की ओर बढ़े। वेक्टर एक्यूटइन्सेफलाइटिस सिंड्रोम या दिमागी बुखार एक गम्भीर बीमारी है जिसके कारण मृत्यु या अपगता भी हो सकती है। कोई भी बुखार दिमागी बुखार हो सकता है इस.लिए बुखार को नजरदाज नही करना चाहिए। पूर्व में जेई/एईएस आदि बीमारियों से बड़ी संख्या में बच्चों की मृत्यु हो जाती थी। परन्तु 2017 के बाद से स्वास्थ्य विभाग व अन्य विभागों के सामान्जस्य से चलाये गये संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान से मृत्यु व कई बीमारियों में काफी कमी आई है। जो स्वय में एक सफलता की कहानी है। जिलाधिकारी वीसी के दौरान सीएमओं तथा सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि आज से 31 अक्टूबर तक चलने वाले संचारी रोग नियंत्रण के तृतीय चरण अभियान को सफलता पूर्व के साथ माईक्रोप्लान के अनुरूप लक्ष्य की पूर्ति की जाये तथा छुटे हुए बच्चों के टीकाकरण, जागरूकता कार्यक्रम जो भी किये जाए व कोविड-19 कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत रखते हुए तथा स्वास्थ्य प्रोटोकाल के नियमों का पालन एवं मास्क का प्रयोग करते हुए कार्यक्रम व कार्य किये जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों, जिसमे रायबरेली जनपद भी शामिल है। विशेष संचारी रोग नियंत्रण तथा विभिन्न जनपदों में दिमागी बुखार से लड़ने के लिए दस्तक अभियान शुरू किया जा रहा है। तृतीय विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान संचारी रोगों पर सरकार का सीधावार सुरक्षित होगा। जागरूकता को बढ़ाना चाहिए तथा अभियान को जन-जन से जोड़ने का आहवान किया जाए तथा बचाव बीमारियों में महत्वपूर्ण तरीका है जिसे जानना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार व प्रशासन इंसेफलाइटिस रोग के समूल उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 वीरेन्द्र सिंह को निर्देश दिये गये कि चलाये जा रहे अभियान के बारे में आम जन को अवगत कराये तथा अमल में लाये जाने को कहे। जिलाधिकारी ने संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान की सफलता तथा मच्छरों के नाश के लिए फाॅगिंग मशीन से एक नाली व गढ्ढा में दवा भी छिड़की तथा आहवन किया कि अभियान की सफलता के लिए साफ-सफाई स्वच्छ जरूरी है इस पर ध्यान दें। संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान में कहा कि दिमागी बुखार को नियंत्रित करने से सबसे बड़ी समस्या इलाज में देरी है। दस्तक अभियान दिमागी बुखार से बचाव एवं नियंत्रण के लिए व्यवहार परिवर्तन संचार अभियान है इस में स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर 1-15 वर्ष के आयु के बच्चों के माता-पिता को बीमारी से बचाव एवं उपचार की जानकारी देगे। कोई भी बीमारी दिमागी बुखार हो सकता है। ऐसी स्थिति में इलाज में देरी न की जाये। स्वास्थ्य विभाग की अगुवाई में चलाए जा रहे संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान ग्राम समाज, पंचायती राज, नगरीय विकास शिक्षा, बाल विकास परियोजना, बीएसए, कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, समाज कल्याण विभाग का सयुक्त प्रयास है वे भागीदारी कर रहे है। अभियान के अन्तर्गत प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर दस्तक देंगे और दिमागी बुखार से बचाव और उपचार के तरीके बताएगे। वह लोगों को बताएंगे कि बुखार आते ही मरीज को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाए, अपने घरों में और आस-पास सफाई रखें, जल भराव न होने दें, मच्छरों तथा चुहे-छछून्दरों से बचाव करें, स्वच्छ पेय जल का उपयोग करें और पशु-बाड़ों में सफाई रखें। या छोटे-छोटे उपाय बीमारियों के प्रकोप तथा इन से होने वाली क्षति को काफी हद तक कम कर सकते है। जिलाधिकारी ने इस अभियान के अन्तर्गत 1से 31 अक्टूबर तक के बीच जिला, ब्लाक और ग्राम पंचायत स्तर पर कई जन जागरूकता सोशल डिस्टेसिंग व मास्क के प्रयोग करके आयोजित किए जाए। सभी विकास खण्ड, तहसील व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों में सूचना एवं जनसम्पर्क उ0प्र0 लखनऊ द्वारा होर्डिग्स के माध्यम से कोविड-19 के संक्रमण से बचाव, दो गज दूरी मास्क है जरूरी आदि द्वारा भी जागरूक किया जा है। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा कोविड-19 वायरस के बचाव के साथ-साथ संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान के पम्पलेट आदि सभी विकास खण्डों, तहसीलों आदि महत्वपूर्ण स्थान जहां पर आम पब्लिक को उपलब्ध कराया जाये। अभियान के दौरान जानकारी के साथ दिमागी बुखार पर चैतरफावार भी होगा, जिसमें नियमित टीकाकरण के अन्तर्गत जेई टीकाकारण, मच्छरों से बचाव के लिए फाॅगिंग, बुखार ग्रस्त कटाई, नालियों की सफाई, हैण्डपम्पों की मरम्मत और शौचालय निर्माण आदि शामिल है। संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान में सभी को पूरी तरह सहयोग करना होगा। प्रत्येक बच्चा अनमोल है और सही जानकारी एवं सही समय पर दिया गया इलाज उनकी जान बचा सकता है। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल, एडीएम वि0रा0 प्रेम प्रकाश उपाध्याय, बेसिक शिक्षा अधिकारी आनन्द कुमार शर्मा, एडी सूचना प्रमोद कुमार, ए0सी0एम0ओं डा0 खालिद रिजवान, डी0एस0 अस्थाना, डीपीआरओ, सीडीपीओ आदि अधिकारी उपस्थित थे। कृत्य:नायाब टाइम्स


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*--1918 में पहली बार इस्तेमाल हुआ ''हिन्दू'' शब्द !--* *तुलसीदास(1511ई०-1623ई०)(सम्वत 1568वि०-1680वि०)ने रामचरित मानस मुगलकाल में लिखी,पर मुगलों की बुराई में एक भी चौपाई नहीं लिखी क्यों ?* *क्या उस समय हिन्दू मुसलमान का मामला नहीं था ?* *हाँ,उस समय हिंदू मुसलमान का मामला नहीं था क्योंकि उस समय हिन्दू नाम का कोई धर्म ही नहीं था।* *तो फिर उस समय कौनसा धर्म था ?* *उस समय ब्राह्मण धर्म था और ब्राह्मण मुगलों के साथ मिलजुल कर रहते थे,यहाँ तक कि आपस में रिश्तेदार बनकर भारत पर राज कर रहे थे,उस समय वर्ण व्यवस्था थी।तब कोई हिन्दू के नाम से नहीं जाति के नाम से पहचाना जाता था।वर्ण व्यवस्था में ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य से नीचे शूद्र था सभी अधिकार से वंचित,जिसका कार्य सिर्फ सेवा करना था,मतलब सीधे शब्दों में गुलाम था।* *तो फिर हिन्दू नाम का धर्म कब से आया ?* *ब्राह्मण धर्म का नया नाम हिन्दू तब आया जब वयस्क मताधिकार का मामला आया,जब इंग्लैंड में वयस्क मताधिकार का कानून लागू हुआ और इसको भारत में भी लागू करने की बात हुई।* *इसी पर ब्राह्मण तिलक बोला था,"क्या ये तेली, तम्बोली,कुणभठ संसद में जाकर हल चलायेंगे,तेल बेचेंगे ? इसलिए स्वराज इनका नहीं मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है यानि ब्राह्मणों का। हिन्दू शब्द का प्रयोग पहली बार 1918 में इस्तेमाल किया गया।* *तो ब्राह्मण धर्म खतरे में क्यों पड़ा ?* *क्योंकि भारत में उस समय अँग्रेजों का राज था,वहाँ वयस्क मताधिकार लागू हुआ तो फिर भारत में तो होना ही था।* *ब्राह्मण की संख्या 3.5% हैं,अल्पसंख्यक हैं तो राज कैसे करेंगे ?* *ब्राह्मण धर्म के सारे ग्रंथ शूद्रों के विरोध में,मतलब हक-अधिकार छीनने के लिए,शूद्रों की मानसिकता बदलने के लिए षड़यंत्र का रूप दिया गया।* *आज का OBC ही ब्राह्मण धर्म का शूद्र है। SC (अनुसूचित जाति) के लोगों को तो अछूत घोषित करके वर्ण व्यवस्था से बाहर रखा गया था।* *ST (अनुसूचित जनजाति) के लोग तो जंगलों में थे उनसे ब्राह्मण धर्म को क्या खतरा ? ST को तो विदेशी आर्यों ने सिंधु घाटी सभ्यता संघर्ष के समय से ही जंगलों में जाकर रहने पर मजबूर किया उनको वनवासी कह दिया।* *ब्राह्मणों ने षड़यंत्र से हिन्दू शब्द का इस्तेमाल किया जिससे सबको को समानता का अहसास हो लेकिन ब्राह्मणों ने समाज में व्यवस्था ब्राह्मण धर्म की ही रखी।जिसमें जातियाँ हैं,ये जातियाँ ही ब्राह्मण धर्म का प्राण तत्व हैं, इनके बिना ब्राह्मण का वर्चस्व खत्म हो जायेगा।* *इसलिए तुलसीदास ने मुसलमानों के विरोध में नहीं शूद्रों के विरोध में शूद्रों को गुलाम बनाए रखने के लिए लिखा !* *"ढोल गंवार शूद्र पशु नारी।ये सब ताड़न के अधिकारी।।"* *अब जब मुगल चले गये,देश में OBC-SC के लोग ब्राह्मण धर्म के विरोध में ब्राह्मण धर्म के अन्याय अत्याचार से दुखी होकर इस्लाम अपना लिया था* *तो अब ब्राह्मण अगर मुसलमानों के विरोध में जाकर षड्यंत्र नहीं करेगा तो OBC,ST,SC के लोगों को प्रतिक्रिया से हिन्दू बनाकर,बहुसंख्यक लोगों का हिन्दू के नाम पर ध्रुवीकरण करके अल्पसंख्यक ब्राह्मण बहुसंख्यक बनकर राज कैसे करेगा ?* *52% OBC का भारत पर शासन होना चाहिये था क्योंकि OBC यहाँ पर अधिक तादात में है लेकिन यहीं वर्ग ब्राह्मण का सबसे बड़ा गुलाम भी है। यहीं इस धर्म का सुरक्षाबल बना हुआ है,यदि गलती से भी किसी ने ब्राह्मणवाद के खिलाफ आवाज़ उठाई तो यहीं OBC ब्राह्मणवाद को बचाने आ जाता है और वह आवाज़ हमेशा के लिये खामोश कर दी जाती है।* *यदि भारत में ब्राह्मण शासन व ब्राह्मण राज़ कायम है तो उसका जिम्मेदार केवल और केवल OBC है क्योंकि बिना OBC सपोर्ट के ब्राह्मण यहाँ कुछ नही कर सकता।* *OBC को यह मालूम ही नही कि उसका किस तरह ब्राह्मण उपयोग कर रहा है, साथ ही साथ ST-SC व अल्पसंख्यक लोगों में मूल इतिहास के प्रति अज्ञानता व उनके अन्दर समाया पाखण्ड अंधविश्वास भी कम जिम्मेदार नही है।* *ब्राह्मणों ने आज हिन्दू मुसलमान समस्या देश में इसलिये खड़ी की है कि तथाकथित हिन्दू (OBC,ST,SC) अपने ही धर्म परिवर्तित भाई मुसलमान,ईसाई से लड़ें,मरें क्योंकि दोनों ओर कोई भी मरे फायदा ब्राह्मणों को ही हैं।* *क्या कभी आपने सुना है कि किसी दंगे में कोई ब्राह्मण मरा हो ? जहर घोलनें वाले कभी जहर नहीं पीते हैं।*
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: योगी आदित्यनाथमुख्यसचिव आर के तिवारी ने इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत किया।गर्भावस्था के 280 दिन और जन्म के बाद के दो साल शिशु के लिए बहुत महत्वपूर्ण। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 40 बच्चों को भोजन करा राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम का शुभारंभ किया बच्चों की थाली में सहजन की सब्जी सहजन की दाल सहजन के पराठे और गुड़ के लड्डू उन्हें दिया गया कार्यक्रम में आए बच्चों की माताओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी पांच कालिदास मार्ग स्थित आवास पर किया गया
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