मुख्यमंत्री के आदेश पर मिशन शक्ति: *कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में मा0 मुख्यमंत्री द्वारा मिशन शक्ति के सजीव प्रसारण को देखते हुए जिलाधिकारी व महिलाए "मिशन शक्ति" अभियान के अंगनबाड़ी कार्यकत्री आदि महिलाओं किशोरियो को किया गया जागरूक मिशन शक्ति अभियान के दूसरे दिन महिला सशक्तिकरण से संबंधित जनपद में आयोजित हुए विभिन्न कार्यक्रम" मिशन शक्ति घर-घर जागकर महिलाओं को कर रहा है जागरूक माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा महिलाओं से संवाद कार्यक्रम का दिखाया गया सजीव प्रसारण। सूचना विभाग द्वारा भेजी गई एलईडी वीडियो वैन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को किया जा रहा जागरूक।* रायबरेली:आज दिनाँक 18 अक्टूबर 2020 को जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने मिशन शक्ति के तहत महिलाओं से कहा कि शासन द्वारा 17 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक मिशन शक्ति अभियान चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत महिलाओं को सशक्त बनाने, घरेलू हिंसा, महिला अपराध आदि को लेकर जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने मौजूद महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में आप सब लोग अधिक से अधिक संख्या में जुडकर स्वयं जागरूक हो और साथ ही साथ अपने गांव व आस-पास की महिलाओं को भी जागरूक करें, शासन द्वारा महिलाओं को लेकर विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल ने भी महिलाओं को जागरूक किया तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की उनको जानकारी दी। मिशन शक्ति अभियान के दूसरे दिन महिलाओं को शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया जा रहा है दिन जनपद के सभी विकास खंडों एवं ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्मिकों के माध्यम से महिलाओं, बालिकाओं के विरुद्ध हो रहे विभिन्न अपराधों की रोकथाम के बारे में विस्तृत रूप से विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रचार-प्रसार व जागरूकता अभियान चलाया गया, उन्होंने बताया कि उक्त कार्यक्रम के समय विकास खण्ड स्तर पर खण्ड विकास अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविका एवं आंगनवाडी कार्यकत्रियों के द्वारा जन सामान्य को महिलाओं एवं बच्चों के संबंध में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं महिला एवं बच्चों के अधिकारों के संबंध में जागरूकता संबंधी जानकारी प्रदान की गई। मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं को जागरूक कर होने वाले अपराधों के खिलाफ आवाज उठाने व उनके खिलाफ लड़ने व महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा व सम्मान एवं सशक्तिकरण के लिए ग्राम सभाआंे, ब्लाकों के मुख्यालयों पर आंगनबाड़ी, सुपर वाईजर्स, सी0डी0पी0ओ, बाल संरक्षण इकाई, महिला शक्ति केन्द्र के सहयोग से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये, जिसमें लैंगिक अपराधों से बालकोे का संरक्षण अधिनियम 2012 (पाक्सो) तथा महिलाओं की सुरक्षा एवं गरिमा बढ़ाने वाले कानूनों जैसे घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, दहेज अधिनियम 1961, कार्यस्थल पर लैगिंक उत्पीड़न अधिनियम 2013, बाल विवाह अधिनियम 2006, के विषय में चर्चा कर जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त महिलाओ ंतथा बच्चों की भलाई हेतु सरकार द्वारा चलाये जा रहे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में से कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओं बेटी बढ़ाओ साथ ही महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नं0 महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090, 181, एवं बच्चों की सुरक्षा हेतु 1098 आदि महत्वपूर्ण नम्बरों की विस्तार से चर्चा की गयी। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रथम चरण के दुसरे दिन ब्लाक आमावां में जिला प्रोबेशन अधिकारी जय प्रकाश यादव, बाल संरक्षण अधिकारी तथा महिला शक्ति केन्द्र के सहयोग से एक गोष्ठी का आयोजन के तहत आंगनबाडी कार्यकती आदि महिलाओं को जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं के साथ होने वाले अपराध की रोकथाम व इसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए महिलाओं को तैयार करने व महिलाओ के अधिकारों की जानकारी मिशन शक्ति अभियान के तहत घर-घर, गांव प्रचार वाहन पहुचकर महिलाओं व बच्चों किशोरियो को जागरूक किया जा रहा हैै। इसमें 180 दिन चलने वाले मिशन शक्ति के उद्देश्यों तथा सिद्धान्तों की विस्तार से चर्चा की गयी। जिसका मूल उद्देश्य सशक्त महिला द्वारा सशक्त समाज का निर्माण करना था। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा एल0ई0डी0 वैन के माध्यम से भी महिलाओं को जागरूक कर होने वाले अपराधों के खिलाफ आवाज उठाने व उनके खिलाफ लड़ने व महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा व सम्मान एवं सशक्त जागरूक किया जा रहा है। साथ ही जनपद के अन्य विभागों द्वारा भी मिशन शक्ति अभियान में भागीदारी की जा रही है। उपायुक्त उद्योग द्वारा अमाॅवा औद्योगिक क्षेत्र में मिशन शक्ति के उद्देश्यों एवं सिद्धान्तों पर चर्चा कर लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू किया गया है। इससे पूर्व मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत आज दूसरे दिन नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्व.ावलंबन को लेकर विभिन्न विभागों द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं को जागरूक किया गया। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के एनआईसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने वीडियों क्राॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महिलाओं से संवाद संबंधित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष पूर्णिमा श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल ईओं नगर पालिका, सभासद पूनम तिवारी आदि महिलाए उपस्थित थी। कृत्य:नायाब टाइम्स -


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Upsrtc.: *उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के मुख्य महाप्रबंधक (प्रशासनिक) 'वरिष्ठ पी.सी.एस' श्री विजय नारायण पाण्डेय 31 मई को होंगे रिटायर* लखनऊ। उ.प्र. परिवहन निगम के मुख्य महाप्रबंधक (प्रशासनिक) विजय नारायण पांडेय (वरिष्ठ पी.सी.एस.) ने दिनाँक 20 दिसम्बर 2018 को इस पद का पदभार संभाला था और वो 5 महीना 11 दिन की सेवा करने के बाद 31 मई 2019 को विभाग को अच्छी अनुभवी जानकारियां देते हुए अपने पद से रिटायर हो जाएंगे। उनके परिवहन निगम के कार्य कलाप की सभी अधिकारियों ने सराहना की। श्री पांडेय का मत है कि अधिकारी को विभाग के हित में ही काम करना चाहिए। उन्होंने कहा हमारे बास श्री संजीव सरन वरिष्ठ आई.ए.एस., चेयरमैन, श्री धीरज शाहू वरिष्ठ,आई.ए.एस. ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, प्रबंध निदेशक राधे श्याम आई.ए.एस. अपर प्रबंध निदेशक से भी हमको कुछ नई जानकारियां मिली जो एक नसीहत ही है। परिवहन निगम के आशुतोष गौड़ स्टाफ ऑफिसर, पर्सनल असिस्टेंट प्रबंध निदेशक व अनवर अंजार (जनसंपर्क अधिकारी, परिवहन निगम) ने भी अपने अधिकारी श्री वी. एन. पाण्डेय की प्रशंसा करते हुए बताया कि पाण्डेय जी के साथ काम करना एक नायाब अनुभव के बराबर है। अब शायद ही ऐसा अधिकारी हमारे बीच आये। - नायाब अली
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Santa. ! ये मध्यप्रदेश में....खरगौन के पास ही ग्राम भट्टयान के "संत सियाराम" है ....जहाँ नर्मदा नदी भी है वर्तमान में जहाँ बाबा का निवास है वह क्षेत्र डूब में जाने वाला है ...सरकार ने इन्हें मुवावजे के 2 करोड़ 51 लाख दिए थे.... तो इन्होंने सारा पैसा खरगौन के समीप ही ग्राम नांगलवाड़ी में नाग देवता के मंदिर में दान कर दिया ताकि वहा भव्य मंदिर बने और सुविधा मिले।। बहुत ही पहुचे हुये सन्त है । आप लाखो रुपये दान में दो... पर नही लेते केवल 10 रुपये लेते है ...और रजिस्टर में देने वाले का नाम साथ ही नर्मदा परिक्रमा वालो का खाना और रहने की व्यवस्था ...कई सालों से अनवरत करते आ रहे है..! सारा दिन दर्शन करने वालो के लिए चाय बनाई जाती है। 100 वर्ष पूरे कर चुके है।। ऐसे ही सन्तों का सम्मान होना चाहिए.. ❤🙏🏻❤
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प०राम प्रसाद बिस्मिल जी हज़रो नमन: *“सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है” : कब और कैसे लिखा राम प्रसाद बिस्मिल ने यह गीत!* राम प्रसाद ‘बिस्मिल’ का नाम कौन नहीं जानता। बिस्मिल, भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की क्रान्तिकारी धारा के एक प्रमुख सेनानी थे, जिन्हें 30 वर्ष की आयु में ब्रिटिश सरकार ने फाँसी दे दी। वे मैनपुरी षडयंत्र व काकोरी-कांड जैसी कई घटनाओं मे शामिल थे तथा हिन्दुस्तान रिपब्लिकन ऐसोसिएशन के सदस्य भी थे। भारत की आजादी की नींव रखने वाले राम प्रसाद जितने वीर, स्वतंत्रता सेनानी थे उतने ही भावुक कवि, शायर, अनुवादक, बहुभाषाभाषी, इतिहासकार व साहित्यकार भी थे। बिस्मिल उनका उर्दू उपनाम था जिसका हिन्दी में अर्थ होता है ‘गहरी चोट खाया हुआ व्यक्ति’। बिस्मिल के अलावा वे राम और अज्ञात के नाम से भी लेख व कवितायें लिखते थे। *राम प्रसाद ‘बिस्मिल’ की तरह अशफ़ाक उल्ला खाँ भी बहुत अच्छे शायर थे। एक रोज का वाकया है अशफ़ाक, आर्य समाज मन्दिर शाहजहाँपुर में बिस्मिल के पास किसी काम से गये। संयोग से उस समय अशफ़ाक जिगर मुरादाबादी की यह गजल गुनगुना रहे थे* “कौन जाने ये तमन्ना इश्क की मंजिल में है। जो तमन्ना दिल से निकली फिर जो देखा दिल में है।।” बिस्मिल यह शेर सुनकर मुस्करा दिये तो अशफ़ाक ने पूछ ही लिया- “क्यों राम भाई! मैंने मिसरा कुछ गलत कह दिया क्या?” इस पर बिस्मिल ने जबाब दिया- “नहीं मेरे कृष्ण कन्हैया! यह बात नहीं। मैं जिगर साहब की बहुत इज्जत करता हूँ मगर उन्होंने मिर्ज़ा गालिब की पुरानी जमीन पर घिसा पिटा शेर कहकर कौन-सा बड़ा तीर मार लिया। कोई नयी रंगत देते तो मैं भी इरशाद कहता।” अशफ़ाक को बिस्मिल की यह बात जँची नहीं; उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा- “तो राम भाई! अब आप ही इसमें गिरह लगाइये, मैं मान जाऊँगा आपकी सोच जिगर और मिर्ज़ा गालिब से भी परले दर्जे की है।” *उसी वक्त पंडित राम प्रसाद ‘बिस्मिल’ ने यह शेर कहा* “सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। देखना है जोर कितना बाजु-कातिल में है?” यह सुनते ही अशफ़ाक उछल पड़े और बिस्मिल को गले लगा के बोले- “राम भाई! मान गये; आप तो उस्तादों के भी उस्ताद हैं।” आगे जाकर बिस्मिल की यह गज़ल सभी क्रान्तिकारी जेल से पुलिस की गाड़ी में अदालत जाते हुए, अदालत में मजिस्ट्रेट को चिढ़ाते हुए और अदालत से लौटकर वापस जेल आते हुए एक साथ गाया करते थे। बिस्मिल की शहादत के बाद उनका यह गीत क्रान्तिकारियों के लिए मंत्र बन गया था। न जाने कितने क्रांतिकारी इसे गाते हुए हँसते-हँसते फांसी पर चढ़ गए थे। पढ़िए राम प्रसाद बिस्मिल द्वारा लिखा गया देशभक्ति से ओतप्रोत यह गीत – सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ु-ए-कातिल में है? वक्त आने दे बता देंगे तुझे ऐ आस्माँ! हम अभी से क्या बतायें क्या हमारे दिल में है? एक से करता नहीं क्यों दूसरा कुछ बातचीत, देखता हूँ मैं जिसे वो चुप तेरी महफ़िल में है। रहबरे-राहे-मुहब्बत! रह न जाना राह में, लज्जते-सेहरा-नवर्दी दूरि-ए-मंजिल में है। अब न अगले वल्वले हैं और न अरमानों की भीड़, एक मिट जाने की हसरत अब दिले-‘बिस्मिल’ में है । ए शहीद-ए-मुल्को-मिल्लत मैं तेरे ऊपर निसार, अब तेरी हिम्मत का चर्चा गैर की महफ़िल में है। खींच कर लायी है सब को कत्ल होने की उम्मीद, आशिकों का आज जमघट कूच-ए-कातिल में है। सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ु-ए-कातिल में है? है लिये हथियार दुश्मन ताक में बैठा उधर, और हम तैयार हैं सीना लिये अपना इधर। खून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्किल में है, सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। हाथ जिनमें हो जुनूँ , कटते नही तलवार से, सर जो उठ जाते हैं वो झुकते नहीं ललकार से, और भड़केगा जो शोला-सा हमारे दिल में है , सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। हम तो निकले ही थे घर से बाँधकर सर पे कफ़न, जाँ हथेली पर लिये लो बढ चले हैं ये कदम। जिन्दगी तो अपनी महमाँ मौत की महफ़िल में है, सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। यूँ खड़ा मकतल में कातिल कह रहा है बार-बार, “क्या तमन्ना-ए-शहादत भी किसी के दिल में है?” सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ु-ए-कातिल में है? दिल में तूफ़ानों की टोली और नसों में इन्कलाब, होश दुश्मन के उड़ा देंगे हमें रोको न आज। दूर रह पाये जो हमसे दम कहाँ मंज़िल में है! सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। जिस्म वो क्या जिस्म है जिसमें न हो खूने-जुनूँ, क्या वो तूफाँ से लड़े जो कश्ती-ए-साहिल में है। सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। देखना है ज़ोर कितना बाज़ु-ए-कातिल में है। पं० राम प्रसाद ‘बिस्मिल’ उनके इस लोकप्रिय गीत के अलावा ग्यारह वर्ष के क्रान्तिकारी जीवन में बिस्मिल ने कई पुस्तकें भी लिखीं। जिनमें से ग्यारह पुस्तकें ही उनके जीवन काल में प्रकाशित हो सकीं। ब्रिटिश राज में उन सभी पुस्तकों को ज़ब्त कर लिया गया था। पर स्वतंत्र भारत में काफी खोज-बीन के पश्चात् उनकी लिखी हुई प्रामाणिक पुस्तकें इस समय पुस्तकालयों में उपलब्ध हैं। 16 दिसम्बर 1927 को बिस्मिल ने अपनी आत्मकथा का आखिरी अध्याय (अन्तिम समय की बातें) पूर्ण करके जेल से बाहर भिजवा दिया। 18 दिसम्बर 1927 को माता-पिता से अन्तिम मुलाकात की और सोमवार 19 दिसम्बर 1927 को सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर गोरखपुर की जिला जेल में उन्हें फाँसी दे दी गयी। राम प्रसाद बिस्मिल और उनके जैसे लाखो क्रांतिकारियों के बलिदान का देश सद्येव ऋणी रहेगा! जय हिन्द !
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मुत्यु लोक का सच:*आचार्य रजनीश* (१) जब मेरी मृत्यु होगी तो आप मेरे रिश्तेदारों से मिलने आएंगे और मुझे पता भी नहीं चलेगा, तो अभी आ जाओ ना मुझ से मिलने। (२) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आप मेरे सारे गुनाह माफ कर देंगे, जिसका मुझे पता भी नहीं चलेगा, तो आज ही माफ कर दो ना। (३) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आप मेरी कद्र करेंगे और मेरे बारे में अच्छी बातें कहेंगे, जिसे मैं नहीं सुन सकूँगा, तो अभी कहे दो ना। (४) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आपको लगेगा कि इस इन्सान के साथ और वक़्त बिताया होता तो अच्छा होता, तो आज ही आओ ना। इसीलिए कहता हूं कि इन्तजार मत करो, इन्तजार करने में कभी कभी बहुत देर हो जाती है। इस लिये मिलते रहो, माफ कर दो, या माफी माँग लो। *मन "ख्वाईशों" मे अटका रहा* *और* *जिन्दगी हमें "जी "कर चली गई.*
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स्पोर्ट्समैन जाफ़र के सम्मान में क्रिकेट मैच: *जाफ़र मेहदी वरिष्ठ केन्द्र प्रभारी कैसरबाग डिपो कल 30 नवम्बर 2020 सोमवार को सेवानिवृत्त हो जाएगे उनके सम्मान में क्रिकेट मैच परिवहन निगम ने आयोजित किया* लखनऊ, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के स्पोर्ट्समैन जाफ़र मेहंदी जो 30 नवम्बर 2020 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे को "मुख्य महाप्रबंधक प्रशासन" सन्तोष कुमार दूबे "वरि०पी०सी०एस०" द्वारा उनके सम्मान में क्रिकेट मैच आयोजित कर उनका सम्मान किया जायेगा , जिसमें एहम किरदार पी०आर०बेलवारिया "मुख्य महाप्रबंधक "संचालन" व पल्लव बोस क्षेत्रीय प्रबन्धक-लखनऊ एवं प्रशांत दीक्षित "प्रभारी स०क्षे०प्रबन्धक" हैं जो * अवध बस स्टेशन कमता लखनऊ* के पद पर तैनात हैं , इस समय *कैसरबाग डिपो* के भी "प्रभारी स०क्षे०प्र०" हैं। कैसरबाग डिपो के वरिष्ठ केन्द्र प्रभारी जाफ़र मेहदी साहब दिनाँक,30 नवम्बर 2020 को कल सेवानिवृत्त हो जायेगे। जाफ़र मेहदी साहब की भर्ती स्पोर्ट्स कोटा के तहत 1987 में परिवहन निगम में हुई थी। जो पछले तीन सालो से दो धारी तलवार के चपेट कि मार झेल रहे थे अब आज़ादी उनके हाथ लगी मेंहदी साहब नायाब ही नहीं तारीफे काबिल हैं उनकी जितनी भी बड़ाई की जाय कम हैl कृत्य:नायाब टाइम्स
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