जिला अधिकारी ने दी दीपावली पर्व की बधाई: *दीपावली हर्षोल्लास एवं आपसी एकता का पर्व: डीएम दीपावली ध्वनि, वायु प्रदूषण के लिए आतिशबाजी का प्रयोग न करे, गोमय व मिट्टी के दीया मूर्तियों का करे प्रयोग:-डीएम-एसपी-अपने धन को पटाखे रूपी धुंए में न उड़ाये, साथ ही शान्ति, सौहार्द, भाईचारा व परस्पर एक दूसरे की भावनाओ को देखते हुए मनाये पर्व - डीएम-एसपी ने दीपावली पर्व पर दी हार्दिक बधाई* रायबरेली:"सू०वी०रा०" द्वारा दिनाँक 13 नवम्बर, 2020 को अवगत कराया है कि जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि दीपावली का पर्व प्रकाश के साथ ही प्रेम, स्नेह, भाईचारा, शान्ति, सौहार्द, राष्ट्रीय एकता, अखण्डता को मजबूती प्रदान करने वाला पर्व है। प्रदेश व जनपद की फिजा में अमन चैन, समाज में समृद्धि तभी संभव है जब सभी लोग मिल जुलकर रहे तथा सकारात्मक विकासपरक कार्य करे। उन्होने सभी उपजिलाधिकारियों व क्षेत्राधिकारी को निर्देश दिए है कि कोविड-19 कोरोना संक्रमण व नियमों को अनुपालन कराते हुए अपने क्षेत्र का संयुक्त रूप से भ्रमण करते रहे तथा असामाजिक तत्वो को चिन्हित कर कड़ी कार्यवाही करे। उन्होने कहा कि बाजार व भीड़ वाली जगहो पर भी विशेष सतर्कता बरती जाए। दीपावली के पर्व पर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल ने हार्दिक बधाई देते हुए कहा है कि दीपावली हर्षोल्लास एवं आपसी एकता का पर्व है इसे पर्यावरण सुरक्षित रखने के उद्देश्य से शान्ति व स्नेह के साथ मनाये। वातावरण की शुद्धता हेतु पटाखों का प्रयोग न किया जाये। अपने धन को पटाखे रूपी धुंए में न उड़ाये। साथ ही शान्ति, सौहार्द, भाईचारा व परस्पर एक दूसरे की भावनाओ को देखते हुए पर्व मनाये। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने दीपावली पर्व के मौके पर लोगो से अपील की है कि पटाखो से बच्चो बुजुर्गो आदि सभी को दूर रखा जाये। राकेट आदि तेज आवाज वाले पटाखे, आतिशबाजी का प्रयोग न करें। निर्धारित केवल रोशनी वाले तथा बिना आवाज वाली आतिशबाजी का प्रयोग किया जाये तथा पानी से भरी हुई बाल्टी अवश्य रखे। ध्वनि, वायु प्रदूषण के लिए आतिशबाजी का प्रयोग न करे। प्रकाश पर्व दीपावली आपसी भाईचारे, मेलजोल से अपने-अपने घरों पर ही मनाना हितकर होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि दीपावली के अवसर पर जिले के ग्रामीण एवं दूर-दराज के अंचलों से मिट्टी व गोमय (गोबर) के दीपक (दीया), मूर्तियां आदि तैयार कर ग्रामीणों द्वारा विक्रय हेतु बाजार में लाया जाता है। गोबर व मिट्टी के दिये, मूर्तियों का विक्रय किये जाने में ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसे पूर्ण रूप से ध्यान रखा जाये तथा आम आदमी अधिक से अधिक मिट्टी व गोबर के दीया व मूर्तियां पर्वो आदि के लिए खरीदे। जनपद के सभी नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायतों के क्षेत्र मिट्टी व गोबर के दीया व मूर्तियां बेचने वालों व ब्रिकी करने वालों से किसी भी प्रकार की वसूली न की जाये। इसके अलावा मिट्टी व गोबर के दीया, मूर्तियां को अधिक से अधिक उपयोग को प्रोत्साहित किया जाये। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने दीपावली के अवसर पर पटाखों आदि के प्रयोग से होने वाले वायु एंव ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम हेतु अतिशबाजी (फायर क्रैकर्स) के बिक्री प्रयोग के सम्बन्ध में शासनादेश व शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में जनपद में दीपावली पर्व पर कोविड-19 के दृष्टिगत नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए प्रतिबन्धों के साथ दीपावली पर्व पर पटाखों के प्रयोग व बिक्री की अनुमति प्रदान की गई है जिसमें दीपावली पर्व के दौरान कम वायु प्रदूषण/ब्रान्डेड ग्रीन पटाखों का ही प्रयोग किया जायेगा। अर्थात धुंआ रहित एंव कम ध्वनि के पटाखें ही बेंचे व छोंडे जायेगें। सीरीज युक्त पटाखों/लडियों एंव सभी प्रकार के मल्टीक्रैकर्स (फैन्सी) की बिक्री व प्रयोग वर्जित रहेगा। पटाखों का प्रयोग दीपावली एंव गुरु पर्व पर रात्रि 08 से 10 बजे, छठ पर्व पर सुबह 06 बजे से 08 बजे तक एंव क्रिसमस और नववर्ष की पूर्व संध्या पर रात्रि 11ः55 से 12ः30 बजे तक ही किया जायेगा। पटाखों का बिक्री लाइसेंसधारी विक्रेता द्वारा ही किया जायेगा। पटाखों के फटने के स्थान से 04 मीटर की दूरी पर 125 डी0बी0(ए0आई0) से अधिक ध्वनि तीव्रता उत्पन्न करने वाले पटाखों का विक्रय निषेध रहेगा अर्थात तेज आवाज वाले पटाखों का विक्रय निषेध रहेगा। शान्त क्षेत्र में किसी भी समय पटाखे नही छोडे जायेंगें। शान्त क्षेत्र अस्पताल, शैक्षिक क्षेत्र, न्यायालय क्षेत्र से 100 मीटर की परिधि का क्षेत्रफल होगा। दीपावली पर्व मनाये जाने हेतु डिजिटल/लेजर आदि की नई तकनीकी का प्रयोग किया जा सकता है। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन राम अभिलाष, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रेम प्रकाश उपाध्याय, सहायक निदेशक सूचना प्रमोद कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 वीरेन्द्र सिंह आदि ने भी जनपद वासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दी है। दीपावली पर्व की हार्दिक बधाई व शुभकामनाए जनपद के मान्यता प्राप्त व वरिष्ठ पत्रकार इलेक्ट्रानिक्स मीडिया, अशोक शर्मा, रसिक श्याम शरण द्विवेदी, राधेश्याम लाल कर्ण, गौरव अवस्थी, अनिल मिश्रा, प्रेम नारायण द्विवेदी, ओम प्रकाश मिश्र, हिमाशु श्रीवास्तव, सुनीता साहू, पूनम यादव, सारिका शुक्ला, नीलम, याकूब खान, सय्यद आलमदार नकवी, संजय मौर्या, संजय सिंह, संजन सिंह, सुधीर त्रिपाठी, डा0 पंकज सिंह, सुधीर मिश्रा, जय नारायण मिश्रा, अशीष दयाल राय, आनन्द कर्ण, श्रवण कुमार, चन्द्रसेन भारती, अनुज अवस्थी, महेश त्रिवेदी, अजीत सिंह, अनुपम दीक्षित, राजेश मिश्रा, अकाश आनन्द, देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, वीरेन्द्र शुक्ला, सुधीर त्रिवेदी, शिव मनोहर पाण्डेय, आराधना, नरेन्द्र कुमार पाण्डेय, अपर्णा स्वाती बाजपेयी, विमलेश कुमार यादव, रोहित मिश्रा, मोहन कृष्ण, नरेन्द्र, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, राजपाल सिंह, अनुभव स्वरूप यादव, फैज अब्बास, असद उल्ला खां, प्रशान्त त्रिपाठी, केशवानन्द शुक्ला, माधव सिंह, आलोक पाण्डेय, मनद सिंह परिहार, संदीप कुमार आदि ने भी दीपावली पर्व की हार्दिक बधाई दी है। कृत्य:नायाब टाइम्स *अस्लामु अलैकुम/शुभरात्रि*


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*--1918 में पहली बार इस्तेमाल हुआ ''हिन्दू'' शब्द !--* *तुलसीदास(1511ई०-1623ई०)(सम्वत 1568वि०-1680वि०)ने रामचरित मानस मुगलकाल में लिखी,पर मुगलों की बुराई में एक भी चौपाई नहीं लिखी क्यों ?* *क्या उस समय हिन्दू मुसलमान का मामला नहीं था ?* *हाँ,उस समय हिंदू मुसलमान का मामला नहीं था क्योंकि उस समय हिन्दू नाम का कोई धर्म ही नहीं था।* *तो फिर उस समय कौनसा धर्म था ?* *उस समय ब्राह्मण धर्म था और ब्राह्मण मुगलों के साथ मिलजुल कर रहते थे,यहाँ तक कि आपस में रिश्तेदार बनकर भारत पर राज कर रहे थे,उस समय वर्ण व्यवस्था थी।तब कोई हिन्दू के नाम से नहीं जाति के नाम से पहचाना जाता था।वर्ण व्यवस्था में ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य से नीचे शूद्र था सभी अधिकार से वंचित,जिसका कार्य सिर्फ सेवा करना था,मतलब सीधे शब्दों में गुलाम था।* *तो फिर हिन्दू नाम का धर्म कब से आया ?* *ब्राह्मण धर्म का नया नाम हिन्दू तब आया जब वयस्क मताधिकार का मामला आया,जब इंग्लैंड में वयस्क मताधिकार का कानून लागू हुआ और इसको भारत में भी लागू करने की बात हुई।* *इसी पर ब्राह्मण तिलक बोला था,"क्या ये तेली, तम्बोली,कुणभठ संसद में जाकर हल चलायेंगे,तेल बेचेंगे ? इसलिए स्वराज इनका नहीं मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है यानि ब्राह्मणों का। हिन्दू शब्द का प्रयोग पहली बार 1918 में इस्तेमाल किया गया।* *तो ब्राह्मण धर्म खतरे में क्यों पड़ा ?* *क्योंकि भारत में उस समय अँग्रेजों का राज था,वहाँ वयस्क मताधिकार लागू हुआ तो फिर भारत में तो होना ही था।* *ब्राह्मण की संख्या 3.5% हैं,अल्पसंख्यक हैं तो राज कैसे करेंगे ?* *ब्राह्मण धर्म के सारे ग्रंथ शूद्रों के विरोध में,मतलब हक-अधिकार छीनने के लिए,शूद्रों की मानसिकता बदलने के लिए षड़यंत्र का रूप दिया गया।* *आज का OBC ही ब्राह्मण धर्म का शूद्र है। SC (अनुसूचित जाति) के लोगों को तो अछूत घोषित करके वर्ण व्यवस्था से बाहर रखा गया था।* *ST (अनुसूचित जनजाति) के लोग तो जंगलों में थे उनसे ब्राह्मण धर्म को क्या खतरा ? ST को तो विदेशी आर्यों ने सिंधु घाटी सभ्यता संघर्ष के समय से ही जंगलों में जाकर रहने पर मजबूर किया उनको वनवासी कह दिया।* *ब्राह्मणों ने षड़यंत्र से हिन्दू शब्द का इस्तेमाल किया जिससे सबको को समानता का अहसास हो लेकिन ब्राह्मणों ने समाज में व्यवस्था ब्राह्मण धर्म की ही रखी।जिसमें जातियाँ हैं,ये जातियाँ ही ब्राह्मण धर्म का प्राण तत्व हैं, इनके बिना ब्राह्मण का वर्चस्व खत्म हो जायेगा।* *इसलिए तुलसीदास ने मुसलमानों के विरोध में नहीं शूद्रों के विरोध में शूद्रों को गुलाम बनाए रखने के लिए लिखा !* *"ढोल गंवार शूद्र पशु नारी।ये सब ताड़न के अधिकारी।।"* *अब जब मुगल चले गये,देश में OBC-SC के लोग ब्राह्मण धर्म के विरोध में ब्राह्मण धर्म के अन्याय अत्याचार से दुखी होकर इस्लाम अपना लिया था* *तो अब ब्राह्मण अगर मुसलमानों के विरोध में जाकर षड्यंत्र नहीं करेगा तो OBC,ST,SC के लोगों को प्रतिक्रिया से हिन्दू बनाकर,बहुसंख्यक लोगों का हिन्दू के नाम पर ध्रुवीकरण करके अल्पसंख्यक ब्राह्मण बहुसंख्यक बनकर राज कैसे करेगा ?* *52% OBC का भारत पर शासन होना चाहिये था क्योंकि OBC यहाँ पर अधिक तादात में है लेकिन यहीं वर्ग ब्राह्मण का सबसे बड़ा गुलाम भी है। यहीं इस धर्म का सुरक्षाबल बना हुआ है,यदि गलती से भी किसी ने ब्राह्मणवाद के खिलाफ आवाज़ उठाई तो यहीं OBC ब्राह्मणवाद को बचाने आ जाता है और वह आवाज़ हमेशा के लिये खामोश कर दी जाती है।* *यदि भारत में ब्राह्मण शासन व ब्राह्मण राज़ कायम है तो उसका जिम्मेदार केवल और केवल OBC है क्योंकि बिना OBC सपोर्ट के ब्राह्मण यहाँ कुछ नही कर सकता।* *OBC को यह मालूम ही नही कि उसका किस तरह ब्राह्मण उपयोग कर रहा है, साथ ही साथ ST-SC व अल्पसंख्यक लोगों में मूल इतिहास के प्रति अज्ञानता व उनके अन्दर समाया पाखण्ड अंधविश्वास भी कम जिम्मेदार नही है।* *ब्राह्मणों ने आज हिन्दू मुसलमान समस्या देश में इसलिये खड़ी की है कि तथाकथित हिन्दू (OBC,ST,SC) अपने ही धर्म परिवर्तित भाई मुसलमान,ईसाई से लड़ें,मरें क्योंकि दोनों ओर कोई भी मरे फायदा ब्राह्मणों को ही हैं।* *क्या कभी आपने सुना है कि किसी दंगे में कोई ब्राह्मण मरा हो ? जहर घोलनें वाले कभी जहर नहीं पीते हैं।*
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मुत्यु लोक का सच:*आचार्य रजनीश* (१) जब मेरी मृत्यु होगी तो आप मेरे रिश्तेदारों से मिलने आएंगे और मुझे पता भी नहीं चलेगा, तो अभी आ जाओ ना मुझ से मिलने। (२) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आप मेरे सारे गुनाह माफ कर देंगे, जिसका मुझे पता भी नहीं चलेगा, तो आज ही माफ कर दो ना। (३) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आप मेरी कद्र करेंगे और मेरे बारे में अच्छी बातें कहेंगे, जिसे मैं नहीं सुन सकूँगा, तो अभी कहे दो ना। (४) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आपको लगेगा कि इस इन्सान के साथ और वक़्त बिताया होता तो अच्छा होता, तो आज ही आओ ना। इसीलिए कहता हूं कि इन्तजार मत करो, इन्तजार करने में कभी कभी बहुत देर हो जाती है। इस लिये मिलते रहो, माफ कर दो, या माफी माँग लो। *मन "ख्वाईशों" मे अटका रहा* *और* *जिन्दगी हमें "जी "कर चली गई.*
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परिवहन निगम: *राधा प्रधान आलमबाग डिपो की बनी स्टेशन इंचार्ज* *लखनऊ* उ०प्र०परि० निगम लखनऊ क्षेत्र के आलमबाग डिपो की राधा प्रधान (स्टेशन इंचार्ज) व मधु श्रीवास्तव (स्टेशन इंचार्ज) बस स्टेशन प्रबंधन आलमबाग बस टर्मिनल लखनऊ बनी जो परिवहन निगम के हित मे कार्य करेगी। *नायाब टाइम्स*
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: योगी आदित्यनाथमुख्यसचिव आर के तिवारी ने इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत किया।गर्भावस्था के 280 दिन और जन्म के बाद के दो साल शिशु के लिए बहुत महत्वपूर्ण। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 40 बच्चों को भोजन करा राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम का शुभारंभ किया बच्चों की थाली में सहजन की सब्जी सहजन की दाल सहजन के पराठे और गुड़ के लड्डू उन्हें दिया गया कार्यक्रम में आए बच्चों की माताओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी पांच कालिदास मार्ग स्थित आवास पर किया गया
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