जिला अधिकारी ने कहा: *सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से दिव्यांगजनों को लाभान्वित करने में आगे आये अधिकारी:जिला मजिस्ट्रेट* रायबरेली,"सू०वि०रा०" दिनाँक,06 नवम्बर, 2020 को अवगत करवाया की दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा दिव्यांगजनों को लाभान्वित किये जाने हेतु संचालित योजनाएं यथा दिव्यांग पेंशन योजना, सहायक उपकरण योजना, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना, दुकान निर्माण/संचालन योजना संचालित की गई है। जिनका लाभ जनपद के सभी पात्र दिव्यांगजनों को दिलाये जाने हेतु अधिकारी आगे आये। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया है कि प्रदेश सरकार की दिव्यांगजन भरण पोषण अनुदान योजना, कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण योजना, दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार अनुदान योजना, दिव्यांगजन पुनर्वासन हेतु दुकान निर्माण/संचालन योजना आदि योजनाओं की जानकारी दिव्यागंजन को दे तथा उन्हें लाभान्वित किया जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान योजनान्र्तगत (दिव्यांग पेंशन) प्रदान की जाती है जिसके अन्र्तगत रूपये 500 प्रतिमाह की दर से 6000 वार्षिक पेंशन धनराशि दिव्यांगजनों के खातों में आन लाइन द्वारा पी0एफ0एम0एस प्रणाली के माध्यम से प्रेषित की जाती है। जिसके अन्र्तगत आवष्यक अभिलेख -पासपोर्ट साइज दिव्यांगता प्रदर्षित फोटो, आयु प्रमाण-पत्र/परिवार रजिस्टर नकल, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, बैंक खाता सम्बन्धी प्रपत्र, आय प्रमाण-पत्र, ग्राम सभा के निवासी होने की स्थिति सम्बन्धित ग्राम सभा का प्रस्ताव तथा आधार कार्ड को स्व प्रमाणित कर अपलोड किया जाना अनिवार्य है। इसी प्रकार कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण योजनान्र्तगत दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण ट्राईसाइकिल, व्हीलचयेर, सी0पी0 चेयर, बैशाखी, वांकिग स्टिक, श्रवण यन्त्र, ए0डी0एल0किट (कुष्ठरोग से मुक्त व्यक्तियों के लिए) आदि उपकरण प्रदान किये जाते हंै। आवेदन-पत्र के साथ नवीनतम दिव्यांगता प्रदर्शित फोटो, आय प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, यू0डी0आई0डी0 कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र निवासी सम्बन्धी प्रपत्र संलग्न किया जाना आवश्यक है। डीएम ने बताया कि दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार अनुदान योजनान्र्तगत दिव्यांग व्यक्तियों से विवाह करने पर अनुदान प्रदान किया जाता है। युवक के दिव्यांग होने पर रूपये 15000 युवती के दिव्यांग होने पर रूपये 20000 एवं युवक एवं युवती दोनों के दिव्यांग होने पर रूपये 35000 की अनुदान राशि प्रदान की जाती है। आवेदन- पत्र गत वित्तीय वर्ष एवं चालू वित्तीय वर्ष के स्वीकार किये जायेगें तदोपरान्त विवाह तिथि के अनुरूप ही पात्रता के आधार पर चयन कर लाभान्वित किया जाता है। विवाह के समय युवक 21 वर्ष से कम तथा 45 वर्ष से अधिक न हो एवं युवती की आयु 18 वर्ष से कम तथा 45 वर्ष से अधिक न हो। आवेदन-पत्र के साथ नवीनतम दिव्यांग दम्पत्तियों का फोटोग्राफ, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, संयुक्त बैंक खाता, निवासी सम्बन्धी प्रपत्र, यू0डी0आई0डी0 कार्ड प्रति संलग्न करना आवश्यक है। इसी प्रकार दिव्यांगजन पुनर्वासन हेतु दुकान निर्माण/संचालन योजनान्र्तगत दिव्यांग व्यक्तियों को दुकान निर्माण एवं संचालन हेतु अनुदान/़ऋण प्रदान किया जाता है। दुकान संचालन हेतु रूपये 10000 जिसके अन्र्तगत रूपये 7500 ऋण एवं 2500 अनुदान के रूप में स्वीकृत किया जाता है। ऋण धनराशि रूपये 7500 (4 प्रतिशत) वार्षिक साधारण ब्याज के रूप में दिव्यांग द्वारा चालान के माध्यम से जमा किया जाता है। स्वीकृति धनराशि का प्रेषण सीधे आनलाइन खातों में आनलाइन किया जाता है। आवे.दन-पत्र के साथ नवीनतम दिव्यांगता प्रदर्शित फोटोग्राफ, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, बैंक खाता, दुकान संचालन हेतु खोखा गुमटी ठेला अथवा किराये हेतु किरायानामा सम्बन्धी प्रपत्र, निवासी सम्बन्धी प्रपत्र, यू0डी0आई0डी0 कार्ड प्रति संलग्न किया जाना आवश्यक है। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी, एडीएम, समस्त एसडीएम व खण्ड विकास अधिकारी, तथा जिला दिव्यागंजन सशक्तिकरण अधिकारी को निर्देश दिये कि वह सरकार द्वारा दिव्यागंजनों की लाभपरक योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर दिव्यागंजन को लाभान्वित करने में आगे आये। कृत्य:नायाब टाइम्स


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मुत्यु लोक का सच:*आचार्य रजनीश* (१) जब मेरी मृत्यु होगी तो आप मेरे रिश्तेदारों से मिलने आएंगे और मुझे पता भी नहीं चलेगा, तो अभी आ जाओ ना मुझ से मिलने। (२) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आप मेरे सारे गुनाह माफ कर देंगे, जिसका मुझे पता भी नहीं चलेगा, तो आज ही माफ कर दो ना। (३) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आप मेरी कद्र करेंगे और मेरे बारे में अच्छी बातें कहेंगे, जिसे मैं नहीं सुन सकूँगा, तो अभी कहे दो ना। (४) जब मेरी मृत्यु होगी, तो आपको लगेगा कि इस इन्सान के साथ और वक़्त बिताया होता तो अच्छा होता, तो आज ही आओ ना। इसीलिए कहता हूं कि इन्तजार मत करो, इन्तजार करने में कभी कभी बहुत देर हो जाती है। इस लिये मिलते रहो, माफ कर दो, या माफी माँग लो। *मन "ख्वाईशों" मे अटका रहा* *और* *जिन्दगी हमें "जी "कर चली गई.*
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*--1918 में पहली बार इस्तेमाल हुआ ''हिन्दू'' शब्द !--* *तुलसीदास(1511ई०-1623ई०)(सम्वत 1568वि०-1680वि०)ने रामचरित मानस मुगलकाल में लिखी,पर मुगलों की बुराई में एक भी चौपाई नहीं लिखी क्यों ?* *क्या उस समय हिन्दू मुसलमान का मामला नहीं था ?* *हाँ,उस समय हिंदू मुसलमान का मामला नहीं था क्योंकि उस समय हिन्दू नाम का कोई धर्म ही नहीं था।* *तो फिर उस समय कौनसा धर्म था ?* *उस समय ब्राह्मण धर्म था और ब्राह्मण मुगलों के साथ मिलजुल कर रहते थे,यहाँ तक कि आपस में रिश्तेदार बनकर भारत पर राज कर रहे थे,उस समय वर्ण व्यवस्था थी।तब कोई हिन्दू के नाम से नहीं जाति के नाम से पहचाना जाता था।वर्ण व्यवस्था में ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य से नीचे शूद्र था सभी अधिकार से वंचित,जिसका कार्य सिर्फ सेवा करना था,मतलब सीधे शब्दों में गुलाम था।* *तो फिर हिन्दू नाम का धर्म कब से आया ?* *ब्राह्मण धर्म का नया नाम हिन्दू तब आया जब वयस्क मताधिकार का मामला आया,जब इंग्लैंड में वयस्क मताधिकार का कानून लागू हुआ और इसको भारत में भी लागू करने की बात हुई।* *इसी पर ब्राह्मण तिलक बोला था,"क्या ये तेली, तम्बोली,कुणभठ संसद में जाकर हल चलायेंगे,तेल बेचेंगे ? इसलिए स्वराज इनका नहीं मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है यानि ब्राह्मणों का। हिन्दू शब्द का प्रयोग पहली बार 1918 में इस्तेमाल किया गया।* *तो ब्राह्मण धर्म खतरे में क्यों पड़ा ?* *क्योंकि भारत में उस समय अँग्रेजों का राज था,वहाँ वयस्क मताधिकार लागू हुआ तो फिर भारत में तो होना ही था।* *ब्राह्मण की संख्या 3.5% हैं,अल्पसंख्यक हैं तो राज कैसे करेंगे ?* *ब्राह्मण धर्म के सारे ग्रंथ शूद्रों के विरोध में,मतलब हक-अधिकार छीनने के लिए,शूद्रों की मानसिकता बदलने के लिए षड़यंत्र का रूप दिया गया।* *आज का OBC ही ब्राह्मण धर्म का शूद्र है। SC (अनुसूचित जाति) के लोगों को तो अछूत घोषित करके वर्ण व्यवस्था से बाहर रखा गया था।* *ST (अनुसूचित जनजाति) के लोग तो जंगलों में थे उनसे ब्राह्मण धर्म को क्या खतरा ? ST को तो विदेशी आर्यों ने सिंधु घाटी सभ्यता संघर्ष के समय से ही जंगलों में जाकर रहने पर मजबूर किया उनको वनवासी कह दिया।* *ब्राह्मणों ने षड़यंत्र से हिन्दू शब्द का इस्तेमाल किया जिससे सबको को समानता का अहसास हो लेकिन ब्राह्मणों ने समाज में व्यवस्था ब्राह्मण धर्म की ही रखी।जिसमें जातियाँ हैं,ये जातियाँ ही ब्राह्मण धर्म का प्राण तत्व हैं, इनके बिना ब्राह्मण का वर्चस्व खत्म हो जायेगा।* *इसलिए तुलसीदास ने मुसलमानों के विरोध में नहीं शूद्रों के विरोध में शूद्रों को गुलाम बनाए रखने के लिए लिखा !* *"ढोल गंवार शूद्र पशु नारी।ये सब ताड़न के अधिकारी।।"* *अब जब मुगल चले गये,देश में OBC-SC के लोग ब्राह्मण धर्म के विरोध में ब्राह्मण धर्म के अन्याय अत्याचार से दुखी होकर इस्लाम अपना लिया था* *तो अब ब्राह्मण अगर मुसलमानों के विरोध में जाकर षड्यंत्र नहीं करेगा तो OBC,ST,SC के लोगों को प्रतिक्रिया से हिन्दू बनाकर,बहुसंख्यक लोगों का हिन्दू के नाम पर ध्रुवीकरण करके अल्पसंख्यक ब्राह्मण बहुसंख्यक बनकर राज कैसे करेगा ?* *52% OBC का भारत पर शासन होना चाहिये था क्योंकि OBC यहाँ पर अधिक तादात में है लेकिन यहीं वर्ग ब्राह्मण का सबसे बड़ा गुलाम भी है। यहीं इस धर्म का सुरक्षाबल बना हुआ है,यदि गलती से भी किसी ने ब्राह्मणवाद के खिलाफ आवाज़ उठाई तो यहीं OBC ब्राह्मणवाद को बचाने आ जाता है और वह आवाज़ हमेशा के लिये खामोश कर दी जाती है।* *यदि भारत में ब्राह्मण शासन व ब्राह्मण राज़ कायम है तो उसका जिम्मेदार केवल और केवल OBC है क्योंकि बिना OBC सपोर्ट के ब्राह्मण यहाँ कुछ नही कर सकता।* *OBC को यह मालूम ही नही कि उसका किस तरह ब्राह्मण उपयोग कर रहा है, साथ ही साथ ST-SC व अल्पसंख्यक लोगों में मूल इतिहास के प्रति अज्ञानता व उनके अन्दर समाया पाखण्ड अंधविश्वास भी कम जिम्मेदार नही है।* *ब्राह्मणों ने आज हिन्दू मुसलमान समस्या देश में इसलिये खड़ी की है कि तथाकथित हिन्दू (OBC,ST,SC) अपने ही धर्म परिवर्तित भाई मुसलमान,ईसाई से लड़ें,मरें क्योंकि दोनों ओर कोई भी मरे फायदा ब्राह्मणों को ही हैं।* *क्या कभी आपने सुना है कि किसी दंगे में कोई ब्राह्मण मरा हो ? जहर घोलनें वाले कभी जहर नहीं पीते हैं।*
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परिवहन निगम: *राधा प्रधान आलमबाग डिपो की बनी स्टेशन इंचार्ज* *लखनऊ* उ०प्र०परि० निगम लखनऊ क्षेत्र के आलमबाग डिपो की राधा प्रधान (स्टेशन इंचार्ज) व मधु श्रीवास्तव (स्टेशन इंचार्ज) बस स्टेशन प्रबंधन आलमबाग बस टर्मिनल लखनऊ बनी जो परिवहन निगम के हित मे कार्य करेगी। *नायाब टाइम्स*
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अति दुःखद: *पूर्व विधायक आशा किशोर के पति का निधन* रायबरेली,सलोन विधान सभा के समाजवादी पार्टी की पूर्व विधायक आशा किशोर के पति श्याम किशोर की लंबी बीमारी के बाद लखनऊ के एक अस्पताल में निधन हो गया।इनकी उम्र लगभग 70 वर्ष की थी और पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। स्व श्याम किशोर अपने पीछे पत्नी आशा किशोर सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए है। श्याम किशोर की अंत्येष्टि पैतृक गांव सुखठा, दीन शाहगौरा में किया गया।इस अवसर पर सपा के वरिष्ठ नेता रामबहादुर यादव, विधायक डॉ मनोज कुमार पांडे, आरपी यादव, भाजपा सलोन विधायक दल बहादुर कोरी, राम सजीवन यादव, जगेश्वर यादव, राजेंद्र यादव,अखिलेश यादव राहुल निर्मल आदि ने पहुंचकर शोक संतृप्त परिवार को ढांढस बंधाया। कृत्य:नायाब टाइम्स
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: योगी आदित्यनाथमुख्यसचिव आर के तिवारी ने इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत किया।गर्भावस्था के 280 दिन और जन्म के बाद के दो साल शिशु के लिए बहुत महत्वपूर्ण। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 40 बच्चों को भोजन करा राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम का शुभारंभ किया बच्चों की थाली में सहजन की सब्जी सहजन की दाल सहजन के पराठे और गुड़ के लड्डू उन्हें दिया गया कार्यक्रम में आए बच्चों की माताओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी पांच कालिदास मार्ग स्थित आवास पर किया गया
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